जेलों में लगातार बंदियों के पास मोबाइल और नशीला पदार्थ मिलने के मामले में डीजीपी ने जेल अधीक्षकों को तलब किया। कड़े निर्देश देते हुए डीजीपी ने साफ कहा कि अब जेलों के अंदर अवैध सामान मिला तो जेल प्रशासन के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
सुनारिया जेल में लगातार बंदियों से मोबाइल और पुलिस कर्मियों के द्वारा जेल के अंदर नशीला पदार्थ ले जाने के मामले को डीजीपी ने संज्ञान में लिया है। जारी निर्देशों के अनुसार सभी जेलों के प्रशासन को जेल सुरक्षा बढ़ाने के निर्देश दिये गए। डीजीपी ने जेल अधिकारियों से पूछा है कि मोबाइल और नशीला पदार्थ किस तरीके से जेल के अंदर पहुंचाया जा रहा है। स्थिति को सुधारने के लिए जेल प्रशासन को हर महीने जेल में विशेष चेकिंग अभियान चलाने के निर्देश दिये।
बता दें कि रविवार को डीजीपी के निर्देश पर सुनारिया स्थित जेल में विशेष अभियान चलाया गया था। सर्च अभियान में पुलिस को दो हत्या के मामले में जेल में बंद बंदी महम के गांव भराण निवासी अमित के पास से मोबाइल बरामद किया था। इस मोबाइल से एक नहीं बल्कि पांच बंदियों के सामूहिक रूप से कॉल करने की बात सामने आई थी। इसके बाद अमित सहित पांच बंदियों के खिलाफ शिवाजी कॉलोनी थाने में केस दर्ज किया गया था। इससे पहले सुनारिया जेल में एक पुलिस कर्मी के पास से सुल्फा मिलने का मामला सामने आया था। इसी तरह से डीजीपी के निर्देश पर भौंडसी, सोनीपत सहित कई जेल में तलाशी अभियान चलाया था। यहां कुछ जेल के अधिकारियों और कर्मचारियों पर भी जांच टीम को संदेह है। इस कारण उनकी भी जांच की जा रही है।
प्रोडक्शन वारंट पर लाकर होगी पूछताछ
अब पुलिस मामले में जांच को आगे बढ़ाने के लिए आरोपी अमित को प्रोडक्शन वारंट पर जेल से बाहर लाकर रिमांड लेगी। रिमांड अवधि में आरोपी से मोबाइल रखने संबंधी पूछताछ होगी। साथ ही उस मोबाइल की कॉल डिटेल भी पुलिस निकलवाएगी। ताकि पता चल सके कि आरोपी कहां-कहां बात करता था।