रोहतक। अगस्त में रोहतक डिपो को एक बड़ी सौगात मिलने वाली है। 18 अगस्त को डिपो में पांच एसी व पांच सेमी एसी बसें आ रही हैं। बसों को इंदौर में फाइनल टच दिया जा रहा है। जो अगले माह की 10 तारीख तक पूरा हो जाएगा। जैसे ही यह नई बसें मिलती है, इन्हें लंबे रूटों के लिए चला दिया जाएगा। इससे एसी बसों में सफर करने वाले यात्रियों को काफी राहत मिलेगी।
पहले भी रोहतक डिपो को एसी बसों की सौगात देने के लिए मुख्यालय में बहुत बार वार्तालाप हुई। लेकिन यह बात सिरे ही नहीं चढ़ रही थी। लेकिन मुख्यालय की तरफ से चार दिन पहले हुई बैठक में रोहतक डिपो को दस नई एसी बसें देने का फैसला लिया गया। इसके लिए रोहतक डिपो में रोडवेज जीएम भारत भूषण गोगिया ने अधिकारियों के साथ बैठक की। इसमें उनके रूटों को निर्धारित करने के लिए विचार-विमर्श किया गया। बैठक में बसों को 15 अगस्त के दिन मंगवाने को लेकर भी विचार विमर्श हुआ है, लेकिन विभाग की तरफ से इसके लिए मुख्यालय में कोई बातचीत नहीं की गई है।
एसी में डबल तो सेमी एसी में 15 प्रतिशत ज्यादा लगेगा किराया
जिन-जिन रूटों पर बसों को चलाया जाएगा, उन रूटों पर लगने वाले किराए का एसी बसों में डबल किराया देना पड़ेगा। वहीं सेमी एसी बसों में किराए का 15 प्रतिशत अधिक किराया देना पड़ेगा। विभाग की तरफ से दो सेमी एसी बसें सिटी में भी चलाने की योजना बनाई जा रही है। लेकिन उससे पहले बस आने के बाद 15 दिन का ट्रायल किया जाएगा। अगर यह बस सिटी में कामयाब होती है तो सिटी में एसी बसों की संख्या भी बढ़ाई जा सकती है।
जयपुर, चंडीगढ़, सिरसा और धार्मिक स्थलों पर चलेंगी एसी बसें
10 एसी बसों की खेप पहुंचने से पहले ही इनके रूट निर्धारित कर दिए जाएंगे। ताकि बसों के आने के बाद संपूर्ण रूप से इनका संचालन किया जा सकें। सबसे पहले बसों का जयपुर, चंडीगढ़, सिरसा और कुछ धार्मिक स्थलों पर इनका संचालन किया जाएगा।
बसों के रूटीन मेंटेनेंस के लिए बाहर से आएंगे मैकेनिक
बसों के रूटीन चेकअप के लिए उन्हें वर्कशाॅप में नहीं लेकर जाया जाएगा। उसके लिए अलग से मैकेनिक हायर किए गए हैं। जो रोडवेज के अन्य डिपो में चलने वाली वोल्वो बसों की भी रूटीन जांच करते हैं। बसों की सर्विस के लिए भी बाहर के मैकेनिकों की ही जिम्मेवारी रहेंगी।
अगले माह 10 एसी बसों की खेप रोहतक पहुंच रही है। इससे एसी में सफर करने वाले यात्रियों को काफी राहत मिलने वाली है। बसों को इंदौर में फाइनल टच दिया जा रहा है।
सुरेंद्र सिवाच, वर्कशाप मैनेजर, रोडवेज डिपो