रोहतक। जाट कालेज अखाड़ा हत्याकांड में छह हत्याओं के दोषी कोच सुखविंदर को फांसी की सजा होने से कबूलपुर कांड और नेपाली युवती सामूहिक दुष्कर्म व हत्याकांड की तस्वीरें ताजा हो गईं। 2014 में अदालत ने कबूलपुर में परिजनों की हत्या की दोषी सोनम व उसके प्रेमी को फांसी की सजा सुनाई थी। जबकि दिसंबर 2015 में नेपाली युवती से सामूहिक दुष्कर्म कर हत्या के केस में सात दोषियों को फांसी सुनाई थी। हालांकि दोनों केस में अब तक फांसी नहीं हो सकी है।
जेल के रिकाॅर्ड के मुताबिक 68 साल में रोहतक जेल में 2015 तक 191 फांसी की सजा पाए कैदियों को लाया गया था। 2015 में नेपाली युवती से सामूहिक दुष्कर्म के बाद हत्या करने के सात कैदियों को ले जाया गया। अब 2024 में शुक्रवार को छह हत्याओं के दोषी कोच सुखविंदर को फांसी दी गई। उसे रोहतक जेल की बजाए करनाल जेल में भेजा गया है। अब तक रोहतक जेल में मात्र 31 अपराधियों को फांसी दी गई। आखिरी फांसी 1979 को फांसी दी गई थी। जब हत्या के दोषी सोनीपत के युवक रामफल को फांसी हुई थी। इसके बाद से आज तक जिला जेल में कोई फांसी नहीं दी गई है।
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