हरियाणा के रोहतक में पुलिस द्वारा सेक्टर एक के पेंट मिस्त्री को अवैध हिरासत में रखकर मारपीट के मामले में बुधवार को श्रमिकों ने एसपी कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। साथ ही एसपी को मांग पत्र देकर आरोपी पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। एसपी ने मामले की जांच एएसपी मेधा भूषण को सौंपी है।
भवन निर्माण कामगार यूनियन (सीटू) की ब्लॉक कमेटी के सचिव शैलेंद्र ने बताया कि सुबह श्रमिक मानसरोवर पार्क में एकत्रित हुए। वहां से हाथों बैनर व झंडे लेकर लघुसचिवालय पहुंचे और एसपी कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया।
यूनियन के प्रदेश सचिव विनोद और सीटू जिला उपप्रधान सतबीर पाकसमा ने आरोप लगाया कि कि पेंट मिस्त्री रामअवध सेक्टर एक के हाउसिंग बोर्ड में पिछले 10 दिन से पुताई का काम कर रहा था। 12 अक्टूबर को मकान मालिक ने घर से चांदी के कीमती सामान और नकदी समेत डेढ़ लाख रुपए चोरी का आरोप लगाकर कार्यरत मिस्त्री रामअवध से पूछताछ की।
उक्त मकान मालिक ने इसकी शिकायत अर्बन स्टेट थाना में भी की। 15 अक्टूबर को पुलिस ने पूछताछ के बाद मिस्त्री रामअवध को छोड़ दिया, लेकिन अगले दिन 16 अक्टूबर को सीआईए स्टाफ में कार्यरत एक एएसआई ने मिस्त्री और उसके बेटे दोनों को घर से उठा लिया और खेड़ी साध स्थित एवीटी स्टाफ में ले गए। जहां पर दोनों पिता पुत्र को पीटा गया।
वहीं, ब्लॉक प्रधान संजीव सिंह और सह सचिव श्यामसुंदर में कहा कि आरोपी पुलिसकर्मियों पर सख्त कार्रवाई नहीं की तो यूनियन बड़े आंदोलन को मजबूर होगी। प्रदर्शन का संचालन ब्लॉक सचिव शैलेंद्र ने किया। इस दौरान एडवोकेट अतर सिंह हुड्डा, जितेंद्र, किशोर, परशुराम, पीड़ित मिस्त्री रामअवध, अरविंद, विपिन, राम सकल, जोगेंद्र, महेश, धर्मदास, रमेशचंद्र प्रमुख तौर पर मौजूद रहे।