रोडवेज कर्मचारियों ने रविवार को अपनी मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन
किया। प्रदर्शन करते हुए कर्मचारी मुख्यमंत्री निवास के घेराव के लिए बढ़े
तो पुलिस ने उन्हें सेक्टर छह के मोड़ पर ही रोक लिया।
पुलिस और
कर्मचारियों के बीच काफी देर तक तनातनी हुई। उपमंडल अधिकारी ने जैसे-तैसे
कर्मचारियों को मनाया। बाद में कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन
एसडीएम महम को सौंपा। ऑल हरियाणा रोडवेज वर्कर्स ज्वाइंट एक्शन कमेटी ने
सरकार को चेताया है कि अगर 11 नवंबर से पहले उनकी मांगों पर विचार नहीं
किया गया तो प्रदेश में 11-12 नवंबर को दो दिवसीय चक्का जाम होगा। कमेटी
हरियाणा सरकार द्वारा राज्य परिवहन में 3519 प्राइवेट रूट परमिट देने का
विरोध कर रही है।
रविवार सुबह निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार
ऑल हरियाणा रोडवेज वर्कर्स ज्वाइंट एक्शन कमेटी के आह्वान पर काफी संख्या
में प्रदेश भर से रोडवेज कर्मचारी बस अड्डा परिसर में एकत्रित हुए। यूनियन
के प्रधान हरिनारायण शर्मा ने कहा कि पिछले 24 वर्षों के दौरान एक भी
कर्मचारी भर्ती न करने के चलते विभाग की कर्मशालाओं में कर्मचारियों का
भारी टोटा है, जिसकी आड़ लेकर अब बसों की मरम्मत का कार्य भी निजी कंपनियों
को ठेके पर दिया जा रहा है, जिसे यूनियन किसी भी सूरत में सहन नहीं करेगी।
सरकार ने रोडवेज के 3519 निजी परमिट की ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों व आम
जनता की राय लिए बगैर अधिसूचना जारी कर दी। हरियाणा रोडवेज संयुक्त
कर्मचारी संघ के प्रधान दलबीर किरमारा ने कहा कि किसी भी सूरत में हरियाणा
रोडवेज को प्राइवेट ट्रांसपोर्टरों के हाथ में नहीं जाने देंगे।
सम्मेलन
के बाद कर्मचारी मुख्यमंत्री निवास के घेराव के लिए चले तो पुलिस ने
उन्हें पहले ही सेक्टर-छह के मोड़ पर बेरीकेट लगाकर रोक लिया। कर्मचारियों
ने मुख्यमंत्री के नाम दस सूत्रीय मांग पत्र एसडीएम को सौंपा। सम्मलेन को
संबोधित करने वालों में रमेश कुमार सैनी, आजाद सिंह गिल, सुरेश कुमार
अहलावत, विनोद शर्मा, राजबीर पाघाल, कृष्ण कुमार, आनंद शर्मा और विनोद
शर्मा शामिल रहे।
ये हैं मांगे
कर्मचारियों ने मांग की
कि 3519 निजी रूट परमिट रद हो। सरकारी बसों का बेड़ा दस हजार किया जाए,
भर्ती किए गए चालक-परिचालकों को हाईकोर्ट के निर्णय अनुसार, नियुक्ति तिथि
से पक्का किया जाए। कंप्यूटर प्रोग्रामर व डाटा एंट्री ऑपरेटरों को नियमित
किया जाए, सभी कर्मचारियों की वेतन विसंगतियां दूर की जाए, हरियाणा पुलिस
कर्मचारियों व लिपिक वर्ग सहित सभी कर्मचारियों को पंजाब के समान वेतनमान
दिया जाए।