प्रदेश सरकार ने रोडवेज के एमएसटी (मंथली सीजन टिकट) धारकों को राहत दी है। लॉकडाउन के दौरान बसें नहीं चलाने पर शासन की ओर से उनको 72 दिन (21 मार्च से 31 मई) का किराया लौटाने का आदेश जारी किया गया है। इसके तहत 700 एमएसटी धारकों को किराये की धनराशि लौटाई जाएगी। इस दौरान सिर्फ एक ने किराया वापसी के लिए आवेदन किया है।
रोडवेज के आंकड़ों के अनुसार जिले के एक हजार से ज्यादा लोग रोडवेज की एमएसटी से दिल्ली या पड़ोसी जिले में रोजाना आवागमन करते हैं। लॉकडाउन के कारण 21 मार्च से 31 मई तक रोडवेज की बसें नहीं चलाईं गई थीं। इससे लोग बसों में सफर नहीं कर सके। इस पर एमएसटी धारकों ने रोडवेज अधिकारियों से किराया लौटाने की मांग की थी। इस पर शासन ने 72 दिन का किराया लौटाने का आदेश जारी किया है। रोडवेज मुख्यालय से आए आदेश में कहा गया है कि आठ हजार रुपये तक किराया डिपो से लौटाया जाएगा। इससे ज्यादा किराया होने पर दस्तावेज मुख्यालय भेजने होंगे। उधर, शासन की ओर से किराया लौटाने का आदेश रोहतक डिपो में आ चुका है। इसकी जानकारी होने पर सोमवार को सिर्फ एक ही व्यक्ति ने रुपये वापस लेने के लिए आवेदन किया है।
छात्रों की एमएसटी के बाबत नहीं आया आदेश
रोडवेज में छात्राओं के पास नि:शुल्क बनते हैं। छात्रों से कुछ धनराशि ली जाती है। एमएसटी लिपिक ने बताया कि छात्रों की एमएसटी के रुपये लौटाने को लेकर कोई आदेश नहीं आया है।
21 मार्च से 31 जून तक की एमएसटी का किराया लौटाने का आदेश आ गया है। इसके तहत शहर के 700 एमएसटी धारकों का किराया लौटाया जाएगा। सोमवार तक सिर्फ एक ने आवेदन किया है। छात्रों की एमएसटी को लेकर कोई आदेश नहीं आया।
-सुधीर, एमएसटी विभाग इंचार्ज