8 मार्च को हरियाणा रोडवेज कर्मचारी साझा मोर्चा के आह्वान पर रोहतक में आयोजित राज्यस्तरीय सम्मेलन में आगामी आंदोलन की रूपरेखा तैयार की जाएगी। विभिन्न मांगों को लेकर बस अड्डा स्थित यूनियन कार्यालय में हरियाणा रोडवेज वर्कर्स यूनियन संबंधित कर्मचारी संघ की डिपो कमेटी की बैठक में यह फैसला लिया गया।
डिपो प्रधान नरेश सिवाच ने बैठक की अध्यक्षता की। इसका संचालन राज्य उपाध्यक्ष व डिपो सचिव जयकुंवार दहिया ने किया गया। बैठक में राज्य महासचिव सुमेर सिवाच व राज्य कार्यालय सचिव सतबीर मुंढाल मुख्य रूप से मौजूद रहे। वक्ताओं ने कहा कि केंद्रीय सरकार जो हिट एंड रन कानून चालक व आम जनता विरोधी लेकर आ रही है। इसके विरोध में ऑल इंडिया रोड ट्रांसपोर्ट वर्कर्स फेडरेशन के आह्वान पर 24 मार्च को कर्मचारी व मजदूर नई दिल्ली जंतर मंतर पर अपनी आवाज बुलंद करेंगे।
कर्मचारी नेता सुमेर और जयकुंवार ने कहा कि जब प्रदेश की जनसंख्या 3 करोड़ के लगभग है जब मात्र 2400 के लगभग सरकारी बसें हैं और विभाग में कर्मचारियों की संख्या 14800 के लगभग रह गई है। कर्मशाला में 1993 के बाद कोई भर्ती नहीं की गई है। करीब ढाई हजार नियमित कर्मशाला ही हैं। सरकार की ओर से पिछले दिनों चतुर्थ श्रेणी के कुछ हेल्पर विभाग को दिए थे। वो भी पदोन्नति न होने के कारण दूसरे विभागों में स्थानांतरण करा चुके हैं। लंबे समय से रोडवेज के खुद के डीजल टैंकर नहीं हैं, कर्मशाला में कलपुर्जे व टायर आदि सामान लाने वाले ट्रक नहीं हैं।
कर्मचारी नेताओं ने आरोप लगाया कि कर्मचारियों को सुविधाएं देने की बजाय मिलने वाले अवकाशों में कटौती, ओवरटाइम में कटौती कर जले पर नमक छिड़कने का काम किया है। चालक- परिचालकों को लगभग 16 महीने से रात्रि ठहराव का भुगतान नहीं किया गया है। दिन प्रतिदिन किलोमीटर बढ़ाकर डयूटी करने का दबाव बनाया जा रहा है। कर्मचारियों का 10 वर्ष का दिवाली पर मिलने वाला बोनस सरकार डकार गई है। कर्मशाला कर्मचारी को मिलने वाले त्योहारों की छुट्टी के साथ साथ आकस्मिक अवकाश में कटौती की गई है।
इस दौरान डिपो उप प्रधान प्रदीप हुड्डा, डिपो कैशियर बलजीत सिंह, डिपो सह सचिव राजीव कुमार व डिपो ऑडिटर जयबीर फौजी मौजूद रहे।