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एलिवेटेड ट्रैक के साथ सड़क निर्माण : अब वन विभाग का फंसा पेच, ग्रीन बेल्ट के बदले में मांगी जमीन

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रोहतक। लोकनिर्माण विभाग की ओर से एलिवेटेड ट्रैक के साथ बनाई जा रही 3.8 किलोमीटर लंबी सड़क के निर्माण में अब वन विभाग का पेच फंस गया है। वन विभाग ने लोक निर्माण विभाग से ग्रीन बेल्ट के बदले में जमीन मांगी है। अब लोक निर्माण विभाग यह पता कर रहा है कि वन विभाग की कितनी जमीन सड़क निर्माण में आ रही है। ऐसे में जमीन के बदलने में वन विभाग को पेड़-पौधे लगाने के लिए दूसरी जगह जमीन दी जाएगी। डीसी ने तकनीकी रुकावटों को जल्द दूर करने की हिदायत दी है, ताकि सड़क निर्माण का कार्य तेजी पकड़ सके।
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नियमों के तहत वन विभाग दूसरे विभागों को नोटिस देकर पूछता है कि उनकी ऐसी जमीन कौन सी है, जो प्रयोग में नहीं लाई गई है। ऐसे में दूसरे विभाग रेलवे लाइन व सड़क किनारे की जमीन वन विभाग को दे देते हैं, ताकि वहां पेड़-पौधे लगाए जा सकें। अब लोक निर्माण विभाग ने रेलवे से रोहतक-पानीपत रेलवे लाइन पर एलिवेटेड ट्रैक के साथ-साथ सड़क निर्माण के लिए 18 फीट चौड़ी व 3.8 किलोमीटर लंबी जगह लीज पर ली है। अब वन विभाग का कहना है कि रेलवे लाइन के साथ-साथ ऐसी जमीन भी है, जिस पर वन विभाग का नियंत्रण है। लोकनिर्माण विभाग अब वन विभाग को बदले में दूसरी जगह जमीन दे।
2023 में मिली थी सड़क बनाने की मंजूरी
प्रदेश सरकार व रेलवे ने मिलकर 315 करोड़ की लागत से रोहतक-पानीपत रेलवे लाइन पर 3.8 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड रेलवे ट्रैक बनाया था। दिसंबर 2023 में रेलवे ट्रैक के साथ-साथ 3790 मीटर लंबी और 5.5 मीटर चौड़ी सड़क बनाने के प्रस्ताव को सरकार ने मंजूरी दी थी। चिन्योट कॉलोनी से शुरू होकर सेक्टर-6 तक नौ माह में 21 करोड़ की लागत से बनाई जानी थी। इसके लिए दिसंबर 2023 में सरकार ने तकनीकी मंजूरी दी। मार्च में पीडब्ल्यूडी की तरफ से सड़क बनाने का ठेका दिया गया। इसे नौ माह में नवंबर के आखिर सप्ताह में पूरा करना था, लेकिन अभी तक सड़क का निर्माण तो दूर, जमीन तक समतल नहीं हो सकी है। डीसी धीरेंद्र खड़गटा ने शुक्रवार को प्रोजेक्ट से जुड़े सभी विभागों की बैठक ली थी। जल्द सड़क निर्माण के कार्य को पूरा करने की हिदायत दी थी।
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