माई सिटी रिपोर्टर
रोहतक। साइबर ठगों ने सीबीआई और पुलिस अधिकारी बनकर कृषि विभाग के रिटायर्ड अधिकारी सनसिटी निवासी 71 वर्षीय अत्तर सिंह लांबा को गिरफ्तारी का डर दिखाया और 6.43 लाख रुपये ठग लिए। इसके लिए रिटायर्ड अधिकारी और उनकी पत्नी कमलेश को 28 दिन तक डिजिटल अरेस्ट रखा। इस संबंध में साइबर क्राइम थाने में मंगलवार को एफआईआर दर्ज कराई गई है।
पुलिस को दी शिकायत में सेक्टर-36ए सनसिटी निवासी अत्तर सिंह लांबा ने बताया कि 12 मई को उन्हें व्हाट्सएप पर एक वीडियो कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को पुलिस अधिकारी बताते हुए कहा कि आप मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आरोपी हैं।
इसके बाद उन्हें और उनकी पत्नी को घर से बाहर न निकलने की हिदायत दी गई। उनसे कहा गया कि किसी से बात भी नहीं करेंगे। घर के बाहर सीबीआई की टीम मौजूद है। इतना ही नहीं 13 मई को एक युवक ने खुद को आईपीएस अधिकारी बताकर बात की।
ठगों ने पुलिस और सीबीआई अधिकारियों की वर्दी में वीडियो कॉल की। साथ ही आरबीआई के फर्जी दस्तावेज भी भेजे। उससे कहा कि उन्होंने मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में संदीप नामक युवक को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में आरोपी ने खुलासा किया है कि उसने 6 करोड़ 80 लाख रुपये आपके खाते में डलवाए हैं।
इसकी एवज में 10 प्रतिशत यानी 68 लाख रुपये आपको दिए हैं। अब जांच के लिए बैंक खातों व एफडी की राशि अस्थायी रूप से दूसरे खातों में जमा करानी होगी। डर के मारे पीड़ित ने 2 जून को 2.63 लाख रुपये तथा 10 जून को 3.80 लाख रुपये बताए गए खातों में जमा करवा दी। राशि वापस लेने के लिए आरोपियों से संपर्क किया तो कोई जवाब नहीं आया। जब पीड़ित को ठगी का अहसास हुआ।