कोरोना संक्रमणकाल में मेडिकल स्टाफ की तरह ही नॉन मेडिकल स्टाफ भी अपने कर्तव्य को प्रथम व परिवार को द्वितीय मान कर मार्च से लगातार अपनी सेवाएं दे रहा है। संक्रमण की पहली व दूसरी लहर में लगातार अपनी जिम्मेदारी को पूरा कर आमजन को दैनिक परेशानियों से बचा रहा है।
जिला अस्पताल में तैनात चीफ फार्मासिस्ट जागीर हुड्डा ने बताया कि कोरोना में स्वयं को बचाने के अलावा अपने परिवार को बचाना सबसे बड़ा चैलेंज है। आमजन से जुड़े होने के कारण पता ही नहीं होता कि सामने वाला कैसा व्यक्ति है। इसलिए हर दिन घर पर जाना और स्वयं को संक्रमणमुक्त करना सबसे बड़ा चैलेंज होता है। परिवार से दूरी बना कर रहते हैं। वहीं एमआरडी विभाग में तैनात राकेश वशिष्ठ ने बताया कि जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने के लिए कई लोग आते हैं। इसमें पता ही नहीं चलता कौन संक्रमित है और कौन नहीं है। अधिकांश व्यक्ति जांच करवाने आते हैं और अपना काम भी करवाने आ जाते हैं। ऐसे में खुद के संक्रमित होने का खतरा बना रहता है। परिवार को संक्रमण से बचाने के लिए खुद को परिजनों से अलग रखते हैं। वहीं सूचना सहायक कविता ने बताया कि कोरोना संक्रमण में काम करना व परिवार को सुरक्षित रखना सबसे बड़ा काम है। सामान्य दिनों के विपरीत घर में प्रवेश करने से पहले स्वयं को संक्रमणमुक्त करना होता है। इसके बावजूद डर बना रहता है कि हमारे जरिए घर में संक्रमण ना पहुंच जाए।
बोले डॉक्टर
कोरोना संदिग्ध मरीजों के सैंपल शुरूआत से ले रहे हैं। पत्नी भी महिला रोग विशेषज्ञ हैं, इसके चलते परिवार को संक्रमण से बचाना सबसे बड़ा प्रयास रहता है। क्योंकि संक्रमित होने के बाद परिवार की देखभाल करना कठिन हो जाता है। हर दिन घर में प्रवेश करने से पहले स्वयं को विभिन्न तरीकों से संक्रमण मुक्त करते हैं।
- डॉ. हरमिंद्र, हड्डी रोग विशेषज्ञ, जिला अस्पताल
स्वास्थ्य विभाग के निर्देशों पर कभी जिला अस्पताल तो कभी पॉली क्लीनिक में कोरोना के सैंपल ले रहे हैं। इसके साथ ही आयुष विभाग की गाइडलाइन के अनुसार दवाओं का वितरण करना और मरीजों का उपचार करना भी कार्य में शामिल है। कोरोना की शुरूआत से अब तक लगातार काम कर रहे हैं, इसमें स्वयं को और परिवार को बचाना सबसे बड़ी जिम्मेदारी रही है। बीच में डेंगू भी हो गया, लेकिन जल्द ही अपनी ड्यूटी पर लौट आया, ताकि अधिक से अधिक मरीजों को स्वास्थ्य लाभ दे सकूं।
- डॉ. अरविंदम रॉय, एमडी होम्योपैथी, स्वास्थ्य विभाग