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सांसों पर संकट : एक्यूआई पहुंचा 368, खांसी और गले में बढ़ी दिक्कत

Sun, 19 Nov 2023 01:31 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
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सोनीपत के बीसवां मील के पास वातावरण में छाया स्मॉग। संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
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सोनीपत। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में शामिल सोनीपत में वायु की गुणवत्ता का स्तर लगातार बिगड़ रहा है। हवा बेहद खराब स्थिति में पहुंच गई है। ग्रैप के चौथे चरण की पाबंदी लागू होने के बाद भी लगातार कूड़ा जल रहा है। सोनीपत में सुबह-शाम स्मॉग छा रहा है। शनिवार को एक्यूआई 368 दर्ज किया गया। इसके साथ ही पीएम-10 व पीएम 2.5 का स्तर 500 तक पहुंच गया है। इतना ही नहीं कार्बन ऑक्साइड के 101 तक पहुंचने से सांस के मरीजों की समस्या बढ़ गई है।

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र सोनीपत में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) के ज्यादा होने के चलते ग्रैप-4 लागू कर रखा है। दिवाली से पहले प्रदूषण का स्तर कम होने पर भी इसे नहीं हटाया गया। अब फिर से एक्यूआई तेजी से बढ़ रहा है। एक्यूआई औसतन 368 दर्ज किया गया, लेकिन रात नौ बजे यह 405 पर गंभीर स्थिति में पहुंच गया था। पीएम-10 और पीएम-2.5 की घनी परत छा गई है। पार्टीकुलेट मैटर (पीएम) 2.5 धूल-मिट्टी-केमिकल्स के छोटे-छोटे कण हैं। यह हवा में हर वक्त मौजूद रहते हैं। यह बारीक कण सांस के जरिए आसानी से हमारे शरीर में पहुंच जाते हैं। इन कणों का स्तर वायु में बढ़ जाता है तो सांस लेने में दिक्कत, आंखों में जलन आदि होने लगती है।
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ओपीडी में लगातार आ रहे मरीज

जिला नागरिक अस्पताल के फिजिशियन डॉ. शैलेंद्र राणा ने बताया कि दिवाली के बाद से प्रदूषण का स्तर बढ़ रहा है। सीओपीडी, सांस व अस्थमा से मरीज अस्पताल में रोजाना इलाज कराने के लिए पहुंच रहे हैं। अस्पताल के मेडिकल वार्ड में 15 से 20 मरीज भर्ती हैं। मरीजों को सुबह के समय घर से बाहर निकलने से बचने की सलाह दी जा रही है।
कार्बन ऑक्साइड बढऩा स्वास्थ्य के लिए खतरनाक है। मरीजों को एयर प्यूरीफायर का इस्तेमाल करना चाहिए। ज्यादा गंभीर स्थिति होने पर तुरंत चिकित्सक से सलाह लेनी चाहिए। इस मौसम में मास्क का प्रयोग जरूर करना चाहिए।
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लगातार जल रहा कूड़ा
कूड़ा जलाने पर रोक नहीं लग पा रही है। बहालगढ़ रोड पर भी रात को कूड़ा जलता दिखाई दिया। वहीं बढ़मलिक गांव के कूड़े में आग लगी थी। कूड़े की आग से वहां पर कई पौधे भी झुलस गए थे। लोगों का आरोप है कि प्रशासनिक अधिकारी ठोस कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। अगर ठोस कार्रवाई हो तो प्रदूषण का स्तर कम हो सकता है।

सोनीपत के बीसवां मील के पास वातावरण में छाया स्मॉग। संवाद

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