फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Rohtak News: शोध और नवाचार को बढ़ावा दिया जाए

विज्ञापन
एमडीयू में आयोजित संगोष्ठी का उद्घाटन करते कुलपति प्रो. राजबीर सिंह। स्रोत: एमडीयू
विज्ञापन
रोहतक। शिक्षा प्रणाली किसी भी देश की धुरी है। शोध और नवाचार शिक्षा प्रणाली का जरूरी हिस्सा हैं। आज जरूरत है कि उच्चतर शिक्षण संस्थानों में शोध और नवाचार को बढ़ावा दिया जाए। महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राजबीर सिंह ने यह विचार शनिवार को यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी- रिसर्च एंड इनोवेशन फॉर सस्टेनेबल डेवलपमेंट विषय पर आयोजित अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी के उद्घाटन सत्र में व्यक्त किए।
विज्ञापन

कुलपति प्रो. राजबीर सिंह ने कहा कि नई शिक्षा नीति 2020 में भी शोध एवं नवाचार पर फोकस किया गया है। उन्होंने इंजीनियरिंग के विद्यार्थियों से समाज की समस्याओं के समाधान के दृष्टिगत शोध और नवाचार की दिशा में कार्य करने की बात कही।
अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के महासचिव महेंद्र कपूर इसमें मुख्यातिथि रहे। इन्होनें संगोष्ठी के थीम को जरूरी बताते हुए संपोषणीय विकास के लिए शोध करने की बात कही। प्रो. दया सिंह विशिष्ट अतिथि रहे।
विज्ञापन


आईजेपीयूपी, पुर्तगाल के प्रो. फर्नांडो मोरैरा, एस्टाना आईटी यूनिवर्सिटी, कजाकिस्तान के स्कूल ऑफ कंप्यूटर इंजीनियरिंग के निदेशक प्रो. प्रवीण वशिष्ठ और अमेटी विश्वविद्यालय, ताशकंद की डा. सीमा ने बतौर की-नोट स्पीकर इसमें ऑनलाइन विशेष व्याख्यान दिए। प्राध्यापिका डा. चंचल हुड्डा ने मंच संचालन किया। इस अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी के कोऑर्डिनेटर अरूण हुड्डा ने संगोष्ठी का समन्वयन किया। हाइब्रिड मोड में आयोजित इस संगोष्ठी में कुल 24 तकनीकी सत्रों का आयोजन किया गया। इस अवसर पर यूआईईटी के प्राध्यापक, शोधार्थी, विद्यार्थी और विदेश एवं देशभर से प्रतिभागी ऑनलाइन व ऑफलाइन मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें