जिले को पहली पीएमओ (प्रधान चिकित्सा अधिकारी) डॉ. रेनू झांबू के रूप में मिल गई है। डॉ. रेनू ने जिला सामान्य अस्पताल में कार्यभार संभाल लिया है।
अब चिकित्सकों को छुट्टी और मेडिकल आदि पास कराने के लिए सिविल सर्जन (सीएमओ) के पास जाने की आवश्यकता नहीं होगी, क्योंकि पीएमओ और सीएमओ की शक्तियां लगभग बराबर हैं। अब अस्पताल का जीर्णोद्धार, मशीनें खरीदने और अन्य आकार देने के लिए स्वयं पीएमओ अपनी शक्तियों का प्रयोग करके स्वयं निर्णय ले सकती हैं।
सोमवार को पीएमओ की कुर्सी पर बैठने के बाद से ही उन्होंने अस्पताल में सभी विभागों के अधिकारियों से मुलाकात की। अस्पताल की समस्याओं को जाना। मरीजों को होने वाली समस्याओं निराकरण के सुझाव भी मांगे। अस्पताल में साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए।