पत्रकारों से वार्ता करते सीएम मनोहर लाल
- फोटो : अमर उजाला
वर्ष 2020 को सरकार सुशासन वर्ष के तौर पर बना रही है, जिसमें तहसीलों में भ्रष्टाचार को खत्म करने के लिए पांच वर्ष पूर्व ई-रजिस्ट्रेशन के तौर पर कदम उठाए गए। अब एक कदम और बढ़ते हुए 15 अगस्त के बाद किसी को अर्बन लोकल बॉडी, टाउन कंट्री ऐंड प्लानिंग, पुलिस महकमा, ग्रामीण विकास, विधि विभाग व राजस्व विभाग से एनओसी नहीं लेनी पड़ेगी।
क्योंकि सरकार जमीन से जुड़ा सभी विभागों का रिकॉर्ड ऑनलाइन एक ही सॉफ्टवेयर में कर रही है। जिन गड़बड़ी की शिकायतें मिली हैं, उनकी सरकार जांच करवा रही है। यह कहना है सीएम मनोहरलाल का। वे शुक्रवार सुबह जिला विकास भवन के कॉन्फ्रेंस हाल में मीडिया से बातचीत कर रहे थे।
सीएम ने कहा कि प्रदेश की ऑनलाइन व्यवस्था दूसरे राज्यों के लिए उदाहरण है। अब प्रदेश में और ज्यादा कार्यों को ऑनलाइन प्रक्रिया से जोड़ा जाएगा। उन्होंने प्रदेश में कानून व्यवस्था के सवाल पर कहा कि विपक्ष को आरोप लगाने से पहले अपने शासन काल के दौरान प्रदेश की कानून व्यवस्था के बारे में झांककर देखना चाहिए। प्रदेश में मौजूदा समय में पहले की अपेक्षा अपराध कम हुआ है।
प्रदेश में कोरोना संक्रमितों का रिकवरी रेट देश में तीसरे स्थान पर
कोरोना संक्रमण पर सीएम ने कहा कि प्रदेश में रिकवरी रेट 76 प्रतिशत है, जो पूरे देश में तीसरे स्थान पर है। रिकवरी रेट को बढ़ाने के उदेश्य से सरकार अपने स्तर पर तैयारी कर रही है, जिसके तहत प्रदेश में चार प्लाज्मा ब्लड बैंक बनाए गए हैं, जो रोहतक, पंचकूला, गुरुग्राम व फरीदाबाद में स्थित है।
इनके माध्यम से प्लाज्मा थैरेपी से किए जाने वाले इलाज पर काम जारी है। साथ ही 20 हजार बेडों को किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए आरक्षित रखा गया है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कोरोना संक्रमण से ठीक हुए लोगों से अपील की है कि वे प्लाज्मा डोनेट करें ताकि कोरोना संक्रमित लोगों की जान बचाई जा सके।
छह साल के विकास के दम पर लड़ेंगे बरोदा उप चुनाव
सीएम ने कहा कि पहले की सरकारों ने बरोदा हलके की उपेक्षा की है, जबकि हलके में दूसरे दल का विधायक होने के बावजूद सरकार ने छह साल में काफी विकास कार्य करवाए हैं। उन्हीं के दम पर सरकार यह उप चुनाव लड़ेगी। इस मौके पर सांसद अरविंद शर्मा, पूर्व मंत्री मनीष ग्रोवर, जिला अध्यक्ष अजय बंसल, जिला मीडिया प्रभारी शमशेर खरक, डीसी आरएस वर्मा, एडीसी महेंद्र पाल व एसडीएम राकेश कुमार भी मौजूद रहे।
ग्रामीण क्षेत्र में गरीब विद्यार्थियों को देंगे ऑनलाइन पढ़ाई के लिए सुविधाएं
कोरोना काल में स्कूल व कॉलेज बंद हैं। विद्यार्थी ऑनलाइन पढ़ाई कर रहे हैं। जब सीएम से पूछा गया कि गांवों में ऐसे काफी छात्र हैं, जो इंटरनेट, स्मार्ट फोन न होने के कारण अपनी पढ़ाई नहीं कर पा रहे है। इस पर सीएम ने कहा कि प्रदेश स्तर पर आर्थिक स्थिति के आधार पर ऐसे छात्रों को ऑनलाइन पढ़ाई के लिए बुनियादी सुविधाएं देने पर विचार कर रहे हैं।