उपायुक्त धीरेंद्र खड़गटा ने कहा कि इंटरनेट बैंकिंग, ऑनलाइन शॉपिंग और डिजिटल भुगतान का चलन तेजी से बढ़ रहा है। सोशल मीडिया के दौर में बढ़ते साइबर वित्तीय धोखाधड़ी मामलों को देखते हुए जिलावासी सतर्क रहें। ऐसे मामलों की तुरंत सूचना देने के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से संचालित हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करें।
उन्होंने कहा है कि हाल के वर्षों में ऑनलाइन शॉपिंग का क्रेज बढ़ने के कारण लोग अक्सर सोशल मीडिया पर मिलने वाले भारी छूट, लॉटरी या इनाम से जुड़े विज्ञापनों के झांसे में आ जाते हैं। ऐसे में जरूरी है कि पहले यह जांच लें कि जिस वेबसाइट का उपयोग किया जा रहा है, वह सुरक्षित है या नहीं। उन्होंने सुझाव दिया कि यदि संभव हो तो ऑनलाइन खरीदारी करते समय कैश ऑन डिलीवरी का विकल्प चुनें, ताकि आपकी बैंक और कार्ड संबंधी जानकारी साइबर अपराधियों के हाथों में न जाए।
उपायुक्त ने कहा है कि यदि किसी कारणवश आप साइबर धोखाधड़ी का शिकार हो जाते हैं, तो सबसे पहले हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करें और अपनी शिकायत साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर दर्ज कराएं। उन्होंने जिले के युवाओं से आग्रह किया कि वे साइबर अपराधों के प्रति सतर्क रहें और अपने परिवार के सदस्यों को भी इसके बारे में जागरूक करें।
उन्होंने बताया कि साइबर धोखाधड़ी जैसे अपराध की रिपोर्ट करने के लिए पुलिस स्टेशन जाकर पारंपरिक तरीके से एफआईआर करवाना व उसकी जांच होना एक लंबी प्रक्रिया है। ऐसे में तुरंत कार्रवाई के लिए हेल्पलाइन का विकल्प सबसे सर्वोत्तम माध्यम है। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों की जितनी जल्दी सूचना दी जाए, उतना ही बढ़िया ताकि आगे की ट्रांजेक्शन को रोकने के लिए पीड़ित को त्वरित सहायता प्रदान की जाए। पीड़ित व्यक्ति साइबर क्राइम की वेबसाइट http://www.cybercrime.gov.in पर भी अपनी शिकायत दर्ज करा सकता है।