रोहतक। उधार में दिए 15 लाख रुपये वापस नहीं मिलने पर एक युवक ने तनाव में आकर फंदा लगा लिया। पीड़ित पिता की शिकायत पर युवक के दो दोस्तों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया। देर शाम शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया।
महम थानाक्षेत्र के बहलम्बा गांव निवासी सत्यवीर ने बताया कि वह बीएसएफ से सेवानिवृत्त हैं। उनका बेटा पवन कुमार (29) नागरिक अस्पताल महम में कार्यरत था। उसकी खेड़ी गांव निवासी मोहन और गोरखा समेत चार-पांच युवकों के साथ दोस्ती थी। ये सभी आए दिन उसके पास आते जाते थे। बताया कि पवन ने लोन लेकर 15 लाख रुपये दोस्तों को दिए थे। लेकिन, दोस्त पैसे नहीं लौटा रहे थे। दूसरी तरफ बैंक पैसा जमा कराने के लिए लगातार दबाव बना रहा था। बैंक का पैसा चुकाने के लिए पवन काफी दिन से मोहन और गोरखा आदि से पैसे मांग रहा था। आरोप है कि दोनों ने वीरवार शाम 8 बजे तक पवन की हत्या करने की धमकी दी थी। बैंक का लोन और दोस्तों की हत्या की धमकी से वह मानसिक तनाव में आ गया और उसने आत्महत्या कर ली। पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।