संवाद न्यूज एजेंसी
सोनीपत/रोहतक। अभिनेत्री दिशा पाटनी के बरेली स्थित घर पर फायरिंग में वांछित रहे दोनों बदमाशों को सोनीपत और यूपी पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में मार गिराया गया। अब पुलिस मुठभेड़ को लेकर क्रेडिट वार शुरू हो गया है। दोनों बदमाशों को ढेर करने का श्रेय सोनीपत पुलिस ले रही है। सोनीपत पुलिस का कहना है कि उन्हें बदमाशों के बारे में सटीक सूचना मिली थी। इसके बाद यूपी व दिल्ली एसटीएफ के साथ समन्वय कर उनकी घेराबंदी की गई।
उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद की ट्रॉनिका सिटी में बुधवार की शाम पुलिस मुठभेड़ में मारे गए रोहतक के काहनी गांव निवासी रविंद्र का आपराधिक रिकॉर्ड रहा है। उस पर 10 से अधिक लूटपाट के केस दर्ज थे। हालांकि, पिछले चार साल से उसने रोहतक में कोई वारदात नहीं की थी। दूसरी तरफ, सोनीपत के मयूर विहार निवासी अरुण का कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं मिला है। पुलिस उसकी हिस्ट्री खंगाल रही है।
सोनीपत पुलिस की तरफ से जारी विज्ञप्ति के मुताबिक, दोनों अपराधियों की लोकेशन के बारे में शाम को जैसे ही जानकारी मिली तो उन्होंने दिल्ली और यूपी पुलिस के साथ इसे साझा किया। पुलिस ने बताया है कि रविंद्र का नेटवर्क कई राज्यों तक फैला था। 12 सितंबर को बरेली सिविल लाइन क्षेत्र में अभिनेत्री दिशा पाटनी के घर पर फायरिंग के बाद रविंद्र के साथ अरुण का नाम भी चर्चा में आया था। दोनों के ऊपर यूपी पुलिस ने इनाम घोषित किया था।
रविंद्र ने अपराधी को छुड़ाने का किया था प्रयास
रविंद्र ने 20 दिसंबर 2024 को फतेहाबाद जिले के सदर थाना क्षेत्र में एस्कॉर्ट गार्ड पर हमला कर अपराधी रवि जागसी को छुड़ाने का प्रयास किया था। वहीं, सोनीपत के मयूर विहार निवासी अरुण शॉर्टकट में पैसा कमाने की चाहत में गैंगस्टर के साथ जुड़ा था।
जमानत पर आने के बाद रोहतक छोड़ दिया था
रोहतक के सीआईए-दो थाना प्रभारी सतीश ने बताया कि जिले के अलग-अलग थानों में रविंद्र पर 10 से अधिक केस दर्ज थे। जमानत पर आने के बाद उसने रोहतक छोड़ दिया था।