बुधवार को ओपन काउंसिलिंग के दौरान पंडित नेकी राम कॉलेज में प्रवेश के लिए पहुंचे छात्र-छात्राएं औ?
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रोहतक। नए सत्र की दाखिल प्रक्रिया अंतिम चंरण में पहुंच गई है। इसी कड़ी में बुुधवार को ओपन काउंसिलिंग हुई। इस काउंसिलिंग में अपना दाखिला सुनिश्चित करने के लिए सैकड़ों विद्यार्थी कॉलेज कैंपसों में पहुंचे। विद्यार्थियों की इस भीड़ ने कोरोना के चलते पिछले सात महीने सात दिन से छाया सन्नाटा तोड़ कर कॉलेजों की रौनक भी लौटाई। विद्यार्थियों के खिलखिलाते चेहरे और दाखिले की उत्सुकता देखने लायक रही।
उच्च शिक्षा निदेशालय के निर्देशानुसार, बुधवार को कॉलेजों में ओपन काउंसिलिंग रखी गई। यहां सैकड़ों विद्यार्थी व्यक्तिगत रूप से मौजूद रहे। दाखिले की होड़ व उत्सुकता के चले दोपहर बाद तक भी कॉलेज कैंपस युवाओं से खचाखच भरे रहे। अपनी सीट सुरक्षित करने के लिए अपने दस्तावेजों के साथ कॉलेज पहुंचे विद्यार्थी घंटों कतार में खड़े रहे। अपनी पसंद के कॉलेजों में मनपसंद विषय पढ़ने को उत्सुक विद्यार्थियों ने कतार में धक्का-मुक्की के बावजूद दस्तावेज जमाने कराने में पूरा जोश दिखाया।
आज ही जमा करानी होगी फीस
विद्यार्थियों की भीड़ अधिक होने के चलते दोपहर बाद तक शिक्षक दस्तावेज जमा करते नजर आए। विद्यार्थियों के जाने के बाद उनके दस्तावेजों की जांच हुई। इस कारण शाम तक मेरिट सूची जारी नहीं हो पाई। इसलिए कॉलेज प्रशासन ने भी विद्यार्थियों को अब वीरवार को मेरिट सूची जारी होने की सूचना देते हुए घर जाने की अपील की। इस अपील के बाद कैंपस खाली हो गए। मेरिट सूची में नाम आने वाले विद्यार्थी को दाखिला सुनिश्चित करने के लिए उसी दिन फीस जमा करानी होगी।
सड़कें हुई जाम, वाहनों की लगी कतार
कॉलेजों में ओपन काउंसिलिंग के चलते बुधवार को सैकड़ों विद्यार्थी सड़कों पर उतर आए। घर से कॉलेज व यहां से वापस घर जाने वाले विद्यार्थियों की भीड़ जाम का कारण बन गई। राजकीय स्नातकोत्तर महिला महाविद्यालय के बाहर जाम रहा। यहां आकाशवाणी से लेकर मानसरोवर पार्क पर वाहन रेंग कर निकले। यही नहीं पंडित नेकीराम शर्मा कॉलेज के बाहर तक विद्यार्थियों की कतार लगी रही। जाट कॉलेज में भी कुछ यही हाल रहा। इस कारण सड़क पर यातायात व्यवस्था चरमरा गई। यहां मेडिकल मोड़ से दिल्ली बाईपास तक वाहनों की भीड़ रेंगते हुए गुजरी।
स्वास्थ्य जांच के बाद मिला प्रवेश
पंडित नेकीराम शर्मा कॉलेज में प्रवेश द्वार पर ही विद्यार्थियों के दस्तावेजों के साथ स्वास्थ्य जांच की व्यवस्था की गई। यहीं हेल्प डेस्क भी लगाया गया। इस कारण विद्यार्थियों की कॉलेज के गेट के बाहर दूर तक कतार नजर आई। विद्यार्थियों को कॉलेज में स्वास्थ्य जांच या हाथ सैनिटाइज करने के बाद ही प्रवेश मिला।