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अंग प्रत्यारोपण उपचार के रेट तय किए जाएं, हर साल 5 लाख की हो रही मौत : सांसद

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लोकसभा के मानसून सत्र के दौरान बोलते सांसद डॉ अरविंद शर्मा । विज्ञप्ती
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लोकसभा सांसद डॉ. अरविंद शर्मा का कहना है कि देश में हर साल पांच लाख लोगों की वाइटल ऑर्गन की कमी से मौत हो रही है। केंद्र सरकार अंग प्रत्यारोपण उपचार के रेट तय करे। शुक्रवार को मानसून सत्र के दौरान संसद में उन्होंने यह मांग रखी।
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सांसद ने कहा कि देश में अभी भी वाइटल ऑर्गन डोनेशन को लेकर ज्यादा जागरूकता नहीं है, उसके लिए जरूरी है कि सरकार अपने स्तर पर जागरूकता अभियान चलाएं। लोगों को बताया जाए कि अंग दान महादान है। देश में अलग-अलग राज्यों में अंगदान से जुड़ी हुईं भ्रांतियां एवं अंधविश्वास को खत्म करने के लिए इस महत्वपूर्ण विषय को स्कूलों एवं कॉलेजों के पाठ्यक्रम में शामिल किया जाए। शर्मा ने कहा कि यह पाठ्यक्रम में होने से बच्चे अपनी प्रारंभिक अवस्था में ही यह जान पाएंगे कि अंगदान की प्रक्रिया किसी दूसरे के लिए कितना जीवन उपयोगी हो सकती है। पता लग सकेगा कि जब किसी की भी मौत होती है तो उसके कुछ घंटों के अंतराल के अंदर शरीर में लीवर, दिल, किडनी, आंखें, पेनक्रियाज व अन्य अंग किसी दूसरे के जीवन को बचाने के लिए प्रत्यारोपित किए जा सकते हैं, लेकिन अभी जागरूकता के अभाव में यह नहीं हो पा रहा है। सांसद ने लोकसभा के माध्यम से आग्रह किया कि जिस प्रकार से कोरोना की दूसरी लहर में हरियाणा सरकार द्वारा इलाज को लेकर रेट लिस्ट तय कर दी थी, ताकि गरीब से गरीब आदमी अपना इलाज निजी अस्पताल में करवा सके, उसी तरह केंद्र सरकार भी निजी अस्पतालों में अंग प्रत्यारोपण की रेट लिस्ट तय करे। साथ ही रेट लिस्ट अस्पतालों के सामने लगाई जाए, ताकि आम लोगों को पता लग सके। सांसद के प्रश्न के उत्तर में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडवीया ने बताया कि केंद्र सरकार की ओर से काफी ऐसी योजनाएं चलाई जा रही हैं, जिसके तहत अंगदान को बढ़ावा दिया जा सके।
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