नौकरी दिलाने का झांसा देकर रोहतक लाई गई रांची जिले की नाबालिग से दुराचार और कुकर्म का मामला सामने आया है।
खुलासा हुआ है कि झारखंड के दो आरोपियों ने नाबालिग को खिड़वाली के युवक के हाथों बेच दिया था। सदर थाने में गांव खिड़वाली के रामलाल, सुशीला, रांची के साहिल और सोम के खिलाफ दुराचार, कुकर्म, अपहरण और पोक्सो एक्ट में केस दर्ज किया गया है।
पुलिस के मुताबिक रांची जिले के गांव झुरेड़ निवासी साहिल और सोम्या कुछ दिन पहले नाबालिग का अपहरण कर उसे नौकरी दिलाने के बहाने रोहतक लाए थे। रोहतक आने के बाद दोनों ने खिड़वाली के रामलाल से संपर्क किया और उसे बेचकर वापस झारखंड चले गए।
रामलाल ने नाबालिग को एक सप्ताह तक अपने घर में रखा और उसके साथ दुराचार कर अप्राकृतिक यौन संबंध भी बनाए। तीन दिन पहले ही नाबालिग को घर से भागने का मौका मिल गया और वह हिसार पहुंच गई।
यहां से नाबालिग बस में बैठकर दिल्ली पहुंची और क श्मीरी गेट पुलिस स्टेशन की पुलिस को सारी वारदात की जानकारी दी। दिल्ली पुलिस ने रोहतक पुलिस से संपर्क कर आरोपी के बारे में जानकारी ली है। दिल्ली में केस दर्ज होने के बाद जीरो एफआईआर पर सदर थाने में केस दर्ज किया गया है।
164 के बयान में बदले नाबालिग के सुर
वहीं, मामले में जांच अधिकारी देवीरानी का कहना है कि पहले तो नाबालिग ने पुलिस को बयान दिया कि उसे खिड़वाली के युवक को बेच दिया गया। लेकिन जब बृहस्पतिवार को नाबालिग के मजिस्ट्रेट के सामने 164 के बयान कराए गए तो वह अपने बयान से पलट गई। यहां नाबालिग ने कहा कि उसके साथ कुछ नहीं हुआ है। हालांकि जांच अधिकारी का कहना है कि दिल्ली पुलिस द्वारा कराए गए नाबालिग क ी मेडिकल जांच में दुराचार की पुष्टि हुई है।
उम्र में उलझी पुलिस
जांच अधिकारी का कहना है कि पीड़ित अपनी उम्र 15 साल बता रही है, लेकिन उसके पास जन्म से जुड़े कोई दस्तावेज नहीं हैं। अब उसकी उम्र के बारे में पता करने के लिए सिविल अस्पताल में जांच कराई जाएगी। अभी तक किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।