जिले में बढ़ती वारदात के विरोध में सोमवार को कई सामाजिक संगठन गरजे। छोटूराम पार्क में नागरिक सुरक्षा एवं न्याय संघर्ष समिति के तत्वावधान में न्याय पंचायत हुई। इसमें संगठनों ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र ही आपराधिक घटनाओं पर लगाम और पूर्व में हुई वारदात के आरोपियों को नहीं पकड़ा गया तो सड़कों पर उतरकर आंदोलन किया जाएगा।
न्याय पंचायत में वक्ताओं ने कहा कि जिले में महिलाओं के साथ आए दिन घटनाएं हो रही हैं। महिलाओं और बेटियों का घरों से निकलना दूभर हो गया है। नीतू हत्याकांड हो या फिर दलित छात्रा के साथ गैंगरेप, पुलिस इतना समय बीतने के बाद भी दोषियों के खिलाफ ठोस कार्रवाई नहीं कर पा रही। पुलिस-प्रशासन के पास वारदात पर लगाम कसने के लिए कोई ठोस योजना नहीं है। इससे लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। पंचायत में फैसला हुआ कि शीघ्र ही वारदातों पर रोक लगाई जाए। अध्यक्षता अखिल भारतीय महिला समिति की राज्य महासचिव राजकुमारी दहिया और सीआईटीयू के जिला प्रधान सतबीर सिंह और कमलेश लहली ने संयुक्त रूप से की। संचालन प्रकाशचंद्र ने किया। इस मौके पर कमलेश, विनोद, प्रीत सिंह, मास्टर बलवान, अंजू, जनवादी महिला समिति की राष्ट्रीय महासचिव जगमती सांगवान और सतपाल सिंह मौजूद रहे।
पंचायत ने की मांग
- नीतू हत्याकांड की सीबीआई जांच कराई जाए।
- नीतू के परिवार को आर्थिक मदद और उसके पति को नौकरी दी जाए।
- कलानौर में पांच वर्षीय बच्ची के रेप के दोषियों को तुरंत गिरफ्तार किया जाए।
- दलित छात्रा के साथ दो बार दुष्कर्म के मामलों में तुरंत गिरफ्तारी की जाए।
ये संगठन हुए शामिल
न्याय पंचायत में नागरिक मंच, जनवादी महिला समिति, कबीर अनुभूति सेवा समिति, मानव स्वाभिमान नौजवान समिति, हिम्मत संस्था, नौजवान सभा, छात्र एकता मंच, मूल प्रवाह नेपाली एकता सभा, एसएफआई, संत कबीर शिक्षा एवं समाज विकास संगठन, दलित अधिकार मंच, सर्व कर्मचारी संघ, संगठन सभा 36 बिरादरी, सीआईटीयू, भवन निर्माण कामगार यूनियन, अभिभावक संघ, रिटायर्ड कर्मचारी संघ और अखिल भारतीय किसान सभा आदि संगठन शामिल हुए।
राधे-राधे पार्क में भरा पानी, बदलना पड़ा कार्यक्रम स्थल
सामाजिक संगठनों की ओर से आहूत न्याय पंचायत पहले शहर के राधे-राधे पार्क में होनी थी। लेकिन ऐन वक्त पर पार्क में पानी भर गया। इसके बाद आयोजकों को आनन-फानन में आयोजन स्थल बदलना पड़ा। आखिर में कार्यक्रम छोटूराम पार्क में हुआ।