रोहतक। रोहतक स्थित सुनारिया जेल में बंद राम रहीम को 21 दिन की फरलो अदालत ने मंजूर कर दी। बुधवार सुबह 6:30 बजे वह हनीप्रीत के साथ सिरसा डेरे के लिए रवाना हो गए। हनीप्रीत दो गाड़ियां लेकर आई थी और पुलिस सुरक्षा के साथ सिरसा डेरे में पहुंच गए थे। इस बार वह यहीं पर रुकेंगे। फरलो में आने-जाने का दिन शामिल नहीं है। सुरक्षा के लिहाज से दो आला अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई थी। वह 13वीं बार जेल से बाहर आया है।
दुष्कर्म और हत्या में दोष सिद्ध होने के बाद 2017 से राम रहीम रोहतक की सुनारिया जेल में सजा काट रहा है। राम रहीम के लिए जेल से बाहर जाने की कोई नई बात नहीं है। हरियाणा, पंजाब, राजस्थान और दिल्ली में चुनावों के आसपास पैरोल और फरलो उसे मिलता रहा है। बुधवार को पुलिस सुरक्षा में राम रहीम सुबह 6:30 बजे सिरसा के लिए रवाना हुआ और करीब 8:00 बजे डेरे में प्रवेश कर लिया था।
क्या है पैरोल और फरलो
जेल से एक निश्चित समय बिताने और व्यवहार के बाद पैरोल और फरलो की प्रक्रिया अदालत में शुरू की जाती है। हालांकि, पैराेल की अवधि सजा में नहीं जोड़ी जाती है, जबकि फरलो की अवधि सजा में ही जोड़ी जाती है। दो फरवरी को राम रहीम पैराेल पर बाहर आया था, जबकि अब 21 दिन की फरलो पर बाहर आया है।
राम रहीम को 13वीं बार मिली पैरोल-फरलो
चुनाव को छोड़ दें तो इससे पहले भी 11 बार राम रहीम को पैरोल मिल चुकी है। हरियाणा चुनाव से तीन दिन पहले उसे 20 दिन और लोकसभा चुनाव से पहले 50 दिन की पैरोल दी गई थी। इसके अलावा, राजस्थान-पंजाब विधानसभा चुनाव में भी पैरोल-फरलो मिल चुकी हैं।
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फरलो के लिए नियम...
बंदी को पांच साल या उससे अधिक सजा हुई और कम से कम एक साल काट ली गई हो। जेल में कैदी का व्यवहार अच्छा हो और वह जेल में पुनर्वास कार्यक्रमों में भाग लेता रहा हो। जेल में कैदी ने नियमों का कोई उल्लंघन न किया हो।
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21 दिन के फरलो पर सुनारिया जेल से राम रहीम बुधवार सुबह सिरसा के लिए रवाना हुआ। जिले से सुरक्षा के साथ दूसरे जिले तक पहुंचाया गया।
- नरेंद्र बिजारणिया, पुलिस अधीक्षक रोहतक।