साध्वियों से दुष्कर्म के मामले में सजा काट रहे गुरमीत राम रहीम को बुधवार शाम को बीपी कम होने पर पीजीआई में दाखिल कराया गया। सुनारिया जेल में अचानक बीपी कम होने के कारण हालत बिगड़ती देख जेल प्रबंधन की ओर से इस बात की सूचना पुलिस प्रशासन को दी गई। डॉक्टरों की टीम की ओर से लिए गए निर्णय के बाद उसे पीजीआई में दाखिल कराया गया है।
पुलिस के अनुसार जेल प्रबंधन की ओर से शाम सवा तीन बजे यह अलर्ट आया था कि जेल में बंद राम रहीम की हालत खराब हो रही है, जिसे उपचार के लिए पीजीआई रेफर किया जा सकता है। शाम 6:05 बजे उसे रोहतक पीजीआई लाया गया। यहां पर उसे वार्ड नंबर सात में रखा गया है। सात सदस्यीय डॉक्टरों की टीम उपचार में जुटी है। टीम में शामिल होने वाले डॉक्टरों में हृदय रोग विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम में डॉक्टर कुलदीप लालड़ (चेयरमैन), डॉ. सुलेखा डाबला, डॉ. प्रवीण मल्होत्रा, डॉ. आरएस चौहान, सुधीर अत्री, डॉ. अश्वनी और डॉ. राजेश राजपूत शामिल हैं। डॉक्टरों की ओर से राम रहीम की ईसीजी के साथ ही खून के नमूने लिए गए। फिलहाल राम रहीम को शांत बताया गया है। जेल प्रबंधन की ओर से राम रहीम के बीमार होने की सूचना उसके परिजनों को भेज दी है। फिलहाल राम रहीम वार्ड नंबर 7 में उपचाराधीन है। डॉक्टरों की टीम उसके उपचार में लगी है। राम रहीम के दाखिल होने के कारण भारी संख्या में पुलिस बल का प्रबंध किया गया है।
मेडिकल टीम गई थी जेल
तीन सदस्यीय डॉक्टरों की टीम सुनारिया जेल गई थी, जहां पर राम रहीम के स्वास्थ्य की जांच करने के बाद पाया गया कि उसे डॉक्टरों की देखरेख में रखने की आवश्यकता है। उनकी रिपोर्ट के बाद उसे उपचार के लिए पीजीआई लाया गया।
वर्जन
जेल प्रबंधन की ओर से हाई अलर्ट के बाद ही राम रहीम को पीजीआई में कड़ी सुरक्षा के बीच लाया गया है। उसका उपचार वार्ड नंबर 7 में डॉक्टरों की टीम की ओर से किया जा रहा है।
- राहुल शर्मा, पुलिस अधीक्षक रोहतक।