रोहतक। हरिद्वार से कांवड़ लेकर शिवभक्त लौटने लगे हैं। ये शिवभक्त परिवार की खुशहाली और मंगल कामना के साथ गंगाजल लेकर आ रहे हैं। नारनौल के राजेंद्र कुमार बच्चों की खुशहाली और नौकरी के लिए चौथी बार कांवड़ लेकर आए हैं।
रोहतक के गोहाना रोड पर मंगलवार को कई कांवड़िये पैदल चलकर हरिद्वार से लौटे। कांवड़ियों ने बताया कि अपनी श्रद्धा और आस्था के लिए कांवड़ लेकर आए हैं और शिवरात्रि पर अपने गंतव्य पर पहुंचकर शिवलिंग पर जलाभिषेक करेंगे।
एक बच्चे को नौकरी मिली, दो बच्चों के लिए और मांगी मन्नत
नारनौल निवासी राजेंद्र कुमार इस बार हरिद्वार से चौथी बार कांवड़ लाए हैं। राजेंद्र का कहना है कि बच्चों की नौकरी व खुशहाली के लिए मन्नत मांगी थी। पहली बार कांवड़ लाने पर वर्ष 2023 में एक बच्चे को नौकरी मिल गई। इसके बाद दो बच्चों की नौकरी की मन्नत को लेकर निरंतर तीन साल से कांवड़ ला रहे हैं। राजेंद्र ने बताया कि 10 जुलाई को हरिद्वार से गंगाजल लेकर कांवड़ उठाई थी। अब शिवरात्रि पर नारनौल के दरौंदा में जलाभिषेक करेंगे।
फौज से रिटायर हुए तो लाए दूसरी बार कांवड़ लाए फूल कुमार
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चरखी दादरी के मकड़ाना गांव के 55 वर्षीय फुल कुमार वर्ष 1998 में पहली बार कांवड़ लेकर आए थे। उन्होंने बताया कि फौज में भर्ती होने से पहले हरिद्वार से कांवड़ लाने के प्रति रुचि थी। 1998 में एक बार कांवड़ लेकर आए, इसके बाद फौज में सेवाएं दीं। उन्होंने बताया कि 2024 में फौज से सेवानिवृत्ति के बाद इस साल कांवड़ लाने का मौका मिला। अब दूसरी बार हरिद्वार से गंगाजल लेकर आ रहे हैं। फुल कुमार ने 350 किलोमीटर चलकर महेंद्रगढ़ के बागौत में शिवलिंग पर जलाभिषेक करेंगे।
बाबूलाल सेवक 31 साल से लगा रहे कांवड़ शिविर
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बाबूलाल सेवक 31 साल से गोहाना रोड पर कांवड़ियों के लिए शिविर लगा रहे हैं। बाबूलाल सेवक का कहना है कि पहले स्वयं कांवड़ लेकर आते थे। पहले शिविर में कांवड़ियों के लिए कोई व्यस्था नहीं होती थी। जैसे ही असुविधाओं को देखा तो कांवड़ियों की सेवा में शिविर लगाना शुरू किया। अनेक सामाजिक संस्थाओं व लोगों की मदद से बाबूलाल सेवक गोहाना रोड पर कांवड़ शिविर चला रहे हैं।
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450 किमी पैदल यात्रा कर कांवड़ चढ़ाएंगे राजस्थान के श्रवण कुमार
राजस्थान सीकर के श्रीमाधोपुर डेरा वाली ढाणी निवासी श्रवण कुमार ने 450 किमी पैदल यात्रा कर अपने गांव के मंदिर में कांवड़ चढ़ाएंगे। पारिवारिक खुशहाली के लिए दूसरी बार कांवड़ लेकर आया हूं। वहीं, बाबू लाल ने बताया कि तीसरी बार हरिद्वार से गंगाजल लेकर आए हैं। इन्हीं के साथ चल रहे पवन कुमार ने बताया कि 2024 में पहली बार कांवड़ लेकर आए थे, इस शिवरात्रि पर तीसरी कांवड़ से शिवलिंग पर जल चंढ़ाए़ंगे। श्रवण ने बताया कि परिवार, बच्चों व माता के साथ गंगाजल से भगवान शिव का जलाभिषेक करेंगे।
चरखी दादरी के मकड़ाना गांव के निवासी फुल कुमार
चरखी दादरी के मकड़ाना गांव के निवासी फुल कुमार
चरखी दादरी के मकड़ाना गांव के निवासी फुल कुमार
चरखी दादरी के मकड़ाना गांव के निवासी फुल कुमार
चरखी दादरी के मकड़ाना गांव के निवासी फुल कुमार
चरखी दादरी के मकड़ाना गांव के निवासी फुल कुमार