गर्मी व उमस से बिजली की खपत बढ़ गई है। शहरी क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बाधित होने पर अधिकतम 2 घंटे और ग्रामीण क्षेत्रों में 4 घंटे के भीतर बिजली बहाल करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा प्रदेशभर में बिजली कटौती की स्थिति की नियमित निगरानी की जा रही है।
बारिश की बेरुखी ने हरियाणा में बिजली की मांग को रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा दिया है। प्रदेश में लगातार दूसरे दिन बिजली की अधिकतम मांग 16 हजार मेगावाट के पार रही। वहीं पूरे दिन औसतन बिजली की मांग करीब 13 हजार मेगावाट दर्ज की गई। गर्मी के चलते बिजली की खपत में भी जबरदस्त बढ़ोतरी हुई है।
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प्रदेश में एक दिन में 3,311.68 लाख यूनिट बिजली की खपत दर्ज की गई, जो अब तक के सबसे ऊंचे स्तरों में से एक है। बिजली की बढ़ती जरूरत को पूरा करने के लिए प्रदेश को 3,413.99 लाख यूनिट बिजली की आवश्यकता थी, लेकिन उपलब्धता कम रहने के कारण बिजली निगम को 102.31 लाख यूनिट की कटौती करनी पड़ी। इस वजह से पूरे हरियाणा को पिछले दो दिन से बिजली कटौती का सामना करना पड़ रहा है।
बिजली कटौती का सबसे ज्यादा असर शहरी इलाकों में देखा गया है, जहां शुक्रवार रात अघोषित कट लगते रहे। लगातार बढ़ती गर्मी और उमस के कारण बिजली निगम के सामने आपूर्ति और मांग के बीच संतुलन बनाए रखना बड़ी चुनौती बन गया है। बिजली निगम का कहना है कि मौसम में बदलाव की वजह से एक दो दिन में खपत कम होने की संभावना है।
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अधिकारी के अनुसार
गर्मी व उमस से बिजली की खपत बढ़ गई है। शहरी क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बाधित होने पर अधिकतम 2 घंटे और ग्रामीण क्षेत्रों में 4 घंटे के भीतर बिजली बहाल करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा प्रदेशभर में बिजली कटौती की स्थिति की नियमित निगरानी की जा रही है। तय समय सीमा से अधिक समय तक बिजली बाधित रहने की जानकारी मिलते ही संबंधित अधिकारियों को तुरंत समस्या दूर करने के निर्देश दिए जा रहे हैं। -अनिल विज, ऊर्जा मंत्री।