प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना से वंचित रहे जिले के किसान इस योजना का लाभ लेने के लिए 31 दिसंबर तक फसल का बीमा कराएं। विभाग ने बीमा पंजीकरण शुरू कर दिया है। किसान 31 दिसंबर तक रबी के सीजन की फसलों का बीमा करा सकते हैं। किसानों को बीमा के लिए प्रीमियम फसल वाइज राशि अलग-अलग है।
बारिश, ओलावृष्टि, जलभराव यानी प्राकृतिक आपदा से होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए राज्य सरकार द्वारा केंद्र सरकार के सहयोग से वर्ष 2015-16 से प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना चलाई जा रही। हर वर्ष बारिश के मौसम में जिले में कुछ एरिया में फसलें बाढ़ से नष्ट हो जाती हैं। इसकी वजह से किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है, लेकिन बीमा होने पर किसान की फसल के नुकसान की भरपाई पूरी हो सकती है।
सीएससी के जरिए या स्वयं भी कर सकते हैं पंजीकरण
कृषि विभाग के मुताबिक, जो किसान अपनी फसल का बीमा करना चाहते हैं, वह अपने नजदीकी सीएससी या स्वयं भी अपने फोन से फसलों का बीमा कर सकते हैं। इसके लिए किसान का मोबाइल नंबर, आधार कार्ड, बैंक पासबुक, फसल का विवरण किस खेत में क्या फसल है, मेरी फसल-मेरा ब्योरा पोर्टल पर कराए गए फसल पंजीकरण के स्लिप आदि कागजात जरूरी है। बीमा राशि फसल वाइज अलग-अलग निर्धारित है।
गेहूं, सरसों, जौ का होगा बीमा
जिले में सबसे ज्यादा रकबा गेहूं का है उसके बाद सरसों और कुछ एरिया में जौ की फसल बिजाई की जाती है। इस बार जिले में किसानों द्वारा करीब 1 लाख पांच हजार हेक्टेयर में गेहूं की बजाई की जाएगी। 13,000 हेक्टेयर में सरसों और 3,000 हेक्टेयर में जौ की फसल बिजाई करने का अनुमान है। किसान अपनी फसल का अभी से बीमा करा सकते हैं। प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के लिए लिए पंजीकरण शुरू हो गया है। अंतिम तिथि 31 दिसंबर निश्चित की है। योजना सभी किसानों के लिए वैकल्पिक है। बीमा नहीं कराने के इच्छुक किसान 24 दिसंबर तक अपने बैंक में सूचना दे दें। बैंक उनकी फसल का बीमा नहीं करेगा।
- डॉ. विनोद हुड्डा, कृषि विभाग, रोहतक।