रोहतक। सूबे के जनस्वास्थ्य व लोक निर्माण विभाग के मंत्री डॉ. बनवारी लाल ने शहर को जलभराव से मुक्ति दिलाने के लिए 14 करोड़ 90 लाख रुपये की लागत से हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में बनाए गए बरसाती पानी के डिस्पोजल पंपिंग हाउस प्रोजेक्ट का उद्घाटन किया।
डॉ. बनवारी लाल ने रविवार शाम को बरसाती पानी के डिस्पोजल पुन: निर्माण व पंपिंग मशीन प्रोजेक्ट जनता को समर्पित किया। यहां कैबिनेट मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार की नियत साफ है। सरकार अंत्योदय पर काम कर रही है। जलभराव रोहतक की बड़ी समस्या रही है। इससे पहले सरकार ने ओल्ड आईडीसी के जलघर के निर्माण की इजाजत देने व राहड़ रोड तालाब पर बरसाती पानी निकासी के प्रोजेक्ट को मंजूरी देने का काम किया है।
पूर्व मंत्री मनीष ग्रोवर ने रोहतक से जलभराव की समस्या दूर करने के लिए कई मांगें रखी थीं, जिन्हें स्वीकृत कर पूरा किया जा रहा है। उन्होंने अधिकारियों को आदेश दिए कि इस प्रोजेक्ट के कारण जो सड़क खराब हुई है, उसका एस्टीमेट बनाकर तुरंत बनाने का काम करें। इस मौके पर प्रदेश उपाध्यक्ष सतीश नांदल, रमेश भाटिया, सूरजमल किलोई, हरीश कौशिक, दीपू नागपाल, सुमिता भाटिया जांगड़ा, ईश्वर सिंघल, सोमनाथ शर्मा, कुलविंद्र सिक्का, जेएल खुराना आदि मौजूद रहे।
बरसाती पानी की समस्या से कॉलोनियों को मिलेगी निजात
डॉ. बनवारी लाल ने इस प्रोजेक्ट के तहत पुराना हाउसिंग बोर्ड के पहले से बने बरसाती पानी के डिस्पोजल का पुनर्निर्माण करने, कन्हेली गांव तक लोहे की पाइप लाइन बिछाने, ईएसआई हॉस्पिटल से पुराना हाउसिंग बोर्ड डिस्पोजल तक बरसाती सीवर की लाइन बिछाने व मेन बरसाती पानी डिस्पोजल, अप्पू घर डिस्पोजल, हरिजन बस्ती डिस्पोजल, द्वितीय जल घर बरसाती पानी डिस्पोजल, कन्हेली गांव डिस्पोजल, कन्हेली मोड़ डिस्पोजल, पटेल नगर डिस्पोजल की पंपिंग मशीन बदलने व दो बरसाती नालों को कंक्रीट से पक्का करने के कार्य का उद्घाटन किया। इस प्रोजेक्ट से एकता कॉलोनी, प्रीत विहार, आंबेडकर नगर, आजाद नगर, हाउसिंग बोर्ड व कमला नगर के स्थानीय निवासियों को लाभ मिलेगा।
सरकार से पानी निकासी के अनेक प्रोजेक्ट मिले : ग्रोवर
पूर्व सहकारिता मंत्री मनीष कुमार ग्रोवर ने कहा कि 2014 में जब राज्य में बीजेपी सरकार आई तो जलभराव की सबसे बड़ी समस्या थी। अनेक कॉलोनियां जलमग्न रहती थीं। सरकार ने अलग-अलग एरिया में अनेक बूस्टर मंजूर किए। सरकार का फोकस लोगों की एक-एक समस्या के निराकरण पर है। हाउसिंग बोर्ड के लोगों ने जब उनसे इस समस्या के समाधान की मांग रखी तो चंडीगढ़ में अधिकारियों से मिलकर इसका हल करवाने का काम किया। उन्होंने हाउसिंग बोर्ड एरिया की सड़क बनवाने की मांग रखी, जिसे मंत्री ने तुरंत प्रभाव से अधिकारियों को आदेश दिया कि डिस्पोजल के कारण जो सड़कें खराब हुई हैं उन्हें बनाया जाए।