रोहतक। पीजीआई के नशा मुक्ति केंद्र में नशे के आदी मरीजों के उपचार के लिए स्वास्थ्य सेवाएं जल्द और बेहतर होंगी। केंद्र सरकार की एंटी ट्रीटमेंट फैसिलिटी (एटीएफ) योजना के तहत संस्थान को स्टाफ उपलब्ध कराया जाएगा।
योजना के तहत नशा मुक्ति केंद्र में पदों की संख्या बढ़ाने की तैयारी की जा रही है। इनमें एक मनोचिकित्सक, दो काउंसलर, एक स्टाफ नर्स और एक डाटा मैनेजर की नियुक्ति की जाएगी। इससे मरीजों के उपचार और परामर्श सेवाओं को मजबूती मिलेगी।
वर्तमान में नशा मुक्ति केंद्र में सप्ताह में तीन दिन ओपीडी संचालित होती है। यहां प्रत्येक सप्ताह करीब 45 से 50 मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं। मरीजों का इलाज दवाइयों और काउंसलिंग के माध्यम से किया जाता है।
योजना के तहत संस्थान को प्रतिवर्ष लाखों रुपये का बजट भी प्राप्त होगा। संस्थान की ओर से भर्ती प्रक्रिया शुरू करने के लिए विज्ञापन जारी कर दिया गया है और जल्द ही नियुक्तियां की जाएंगी।
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केंद्र को 2017 में किया गया अपग्रेड
केंद्र को 2017 में अपग्रेड किया गया था। अपग्रेड होने के बाद यहां मेडिकल ऑफिसर एमओ, नर्सिंग अधिकारियों व अन्य नियुक्तियां की गई। इसके तहत ही नशा मुक्ति केंद्र में एम्स के सहयोग से ड्रग ट्रीटमेंट क्लीनिक (डीटीसी) शुरू किया गया। यह प्रदेश का इकलौता सरकारी नशा मुक्ति केंद्र है जहां नशे के मरीजों के लिए हर तरह की निशुल्क दवाइयां उपलब्ध हैं।