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Rohtak: प्रोफेसर सोमनाथ सचदेवा ने संभाला MDU के कुलपति का अतिरिक्त कार्यभार, रजिस्ट्रार ने किया स्वागत

Sat, 21 Feb 2026 05:49 PM IST
शाहिल शर्मा संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक

सार

पदभार संभालने के बाद कुलपति प्रो. सचदेवा ने हरियाणा के राज्यपाल एवं कुलाधिपति असीम कुमार घोष तथा मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का आभार व्यक्त किया।
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प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने संभाला एमडीयू के कुलपति का अतिरिक्त प्रभार - फोटो : संवाद
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विस्तार
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महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय में शनिवार को नवनियुक्त कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने कुलपति का अतिरिक्त कार्यभार ग्रहण किया। इस अवसर पर उनकी धर्मपत्नी डॉ. ममता सचदेवा भी उपस्थित रहीं। कुलसचिव डॉ. कृष्णकांत, डीन एकेडमिक अफेयर्स प्रो. एससी मलिक सहित विभिन्न संकायों के डीन, विभागाध्यक्ष और स्टैच्यूटरी अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों व शिक्षकों ने पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका स्वागत किया और सफल कार्यकाल की शुभकामनाएं दीं।

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राज्यपाल व मुख्यमंत्री का आभार

पदभार संभालने के बाद कुलपति प्रो. सचदेवा ने हरियाणा के राज्यपाल एवं कुलाधिपति असीम कुमार घोष तथा मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि उन्हें जो दायित्व सौंपा गया है उसे वह पूर्ण निष्ठा, पारदर्शिता और प्रतिबद्धता के साथ निभाएंगे।

नैक ग्रेडिंग और शोध गुणवत्ता पर जोर

कुलपति ने कहा कि विश्वविद्यालय की नैक ग्रेडिंग को उत्कृष्ट बनाना उनकी प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है। नैक मूल्यांकन संस्थान की शैक्षणिक और प्रशासनिक गुणवत्ता का दर्पण होता है। सभी विभाग समन्वय के साथ कार्य करते हुए अकादमिक उत्कृष्टता, शोध नवाचार, छात्र हित सेवाओं और संस्थागत पारदर्शिता को सुदृढ़ करें। उन्होंने शोध परियोजनाओं, पेटेंट और प्रकाशनों में वृद्धि कर विश्वविद्यालय की राष्ट्रीय पहचान को मजबूत करने की बात कही।

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एआई व डिजिटल तकनीक अपनाने का आह्वान

प्रो. सचदेवा ने शिक्षकों से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और नई डिजिटल तकनीकों में खुद को अपडेट रखने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि बदलते वैश्विक शैक्षणिक परिवेश में एआई शिक्षा, शोध और प्रशासन का अभिन्न हिस्सा बन चुका है। नई तकनीकों को अपनाने से विद्यार्थियों को आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सकेगी।

प्रतिस्पर्धा और सुशासन पर फोकस

उन्होंने निजी विश्वविद्यालयों से बढ़ती प्रतिस्पर्धा का उल्लेख करते हुए गुणवत्ता, अनुशासन और नवाचार के बल पर आगे बढ़ने की आवश्यकता जताई। साथ ही प्रशासनिक प्रक्रियाओं में पारदर्शिता, जवाबदेही और समयबद्धता सुनिश्चित करने तथा वित्तीय संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग पर विशेष बल दिया। बैठक में उपस्थित सभी अधिकारियों ने विश्वविद्यालय के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्धता दोहराई।
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