रोहतक। महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय (एमडीयू) के बॉटनी विभाग की प्रो. विनीता हुड्डा की शोध परियोजना को हरियाणा स्टेट काउंसिल फॉर साइंस, इनोवेशन एंड टेक्नोलॉजी की ओर से 25 लाख रुपये के फंड की मंजूरी मिली है। परियोजना अगले तीन वर्षों तक चलेगी। इसका फोकस गेहूं उत्पादन को अधिक टिकाऊ, कम लागत वाला और जलवायु-अनुकूल बनाना है।
प्रो. विनीता हुड्डा पहले भी कृषि नैनो तकनीक, मृदा स्वास्थ्य, पादप शरीर क्रिया विज्ञान और सतत कृषि के क्षेत्र में उल्लेखनीय शोध कार्य कर चुकी हैं। शोध में मिट्टी के लाभकारी सूक्ष्म जीवों और फफूंद की मदद से ऐसी तकनीक विकसित करने का प्रयास होगा जिससे रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम हो, मिट्टी की उर्वरता बेहतर बने और गेहूं की फसल गर्मी, सूखा व अन्य पर्यावरणीय तनावों का बेहतर सामना कर सके।
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शोध का उद्देश्य किसानों के लिए ऐसी ईको-फ्रेंडली खेती प्रणाली तैयार करना है जिससे उत्पादन लागत कम होने के साथ बेहतर पैदावार भी सुनिश्चित हो सके।