रोहतक। पब्लिक ट्रांसपोर्ट अपनाओ अपील का असर कम नजर आ रहा है। शहर की सड़कों पर निजी वाहनों का जाम रोज की कहानी बन गया है। सरकारी और सिटी बसों में यात्रियों की संख्या कम देखी ज रही है। सिटी बसों की हालत यह भी है कि दोपहर के समय खाली सीटों के साथ दौड़ रही हैं।
शहर के मुख्य मार्गों दिल्ली रोड, सोनीपत स्टैंड, शीला बाईपास और भिवानी स्टैंड पर निजी कारों व दोपहिया वाहनों की लंबी कतारें लग जाती हैं। ट्रैफिक पुलिस भी जाम खुलवाने में मशक्कत करती दिखती है। दूसरी तरफ हरियाणा रोडवेज और सिटी बस सेवा में यात्रियों की संख्या नहीं बढ़ पा रही।
दोपहर 12 से 3 बजे के बीच तो अधिकतर सिटी बसें 20 प्रतिशत से भी कम सवारियों के साथ चल रही हैं। सुबह 9 से 11 बजे के बीच यात्रियों की बसें बिल्कुल भरी होती हैं।
बस स्टैंड पर शुक्रवार को मिले यात्री रमेश कुमार ने कहा कि जनता के लिए समय बहुत जरूरी है। बसों का समय अंतराल ज्यादा है। 15-20 मिनट तक इंतजार करना पड़ता है। उतनी देर में अपनी गाड़ी से पहुंच जाते हैं। छात्र प्रिया ने बताया कि कई रूटों पर बसें तय समय पर नहीं आती है। मजबूरी में ऑटो या निजी वाहन लेना पड़ता है।
शहर में पांच सिटी बसों का संचालन हो रहा है। रोडवेज की बसें भी अपने समय अनुसार काउंटर से चलती हैं। गर्मियों में सिटी बसों की मांग पहले की अपेक्षा बढ़ी है।
-नवीन कुमार, महाप्रबंधक, रोडवेज।
जब तक बसों की फ्रीक्वेंसी 5-7 मिनट सुनिश्चित नहीं होगी और शुरू से लेकर अंतिम स्टैंड तक सुविधा नहीं सुधरेगी, तब तक लोग निजी वाहन नहीं छोड़ेंगे। समय भी लोगों के लिए मायने रखता है।
-अन्नू, देव कॉलोनी।
बस स्टॉप दूर-दूर हैं। बस का संचालन प्रभावित रहता है। लोगों के लिए गर्मी में पैदल चलना मुश्किल होता है। इसके चलते जनता अभी भी अपने वाहन को ही प्राथमिकता दे रही है।
-श्रद्धा, टिटौली।