झज्जर में स्कूल की छुट्टी के बच्चों को घर छोड़ने जाते हुए स्कूल वाहन।संवाद
झज्जर। महेंद्रगढ़ में स्कूली बस हादसे में छह मासूमों की मौत के बाद शुक्रवार को प्रशासन ने निजी स्कूल संचालकों की बैठक ली। उन्हें नियम कायदों का पाठ पढ़ाया, लेकिन इसके बावजूद निजी स्कूल नहीं सुधर रहे। नियम कायदों को ताक पर रखकर कई स्कूलों ने शनिवार को अवकाश होने के बावजूद स्कूल खोले। निजी स्कूलों की बसें भी शहर व गांवों में बच्चों को लाती और लेकर जाती नजर आई, लेकिन जिम्मेदार बेपरवाह बने रहे। न तो यातायात पुलिस ने रोक और न ही आरटीए के अफसर कहीं नजर आए।
शनिवार को कर्ण पब्लिक स्कूल माडल टाउन की वैन बच्चों को दोपहर को उनके घरों में छोड़ने के लिए जाती हुई नजर आई। स्कूल वैन में 6-7 छोटे बच्चों को बैठाया हुआ था। कई निजी स्कूलों की बसें सुबह व दोपहर को शिक्षकों को लेने व छोड़ने के लिए भी पहुंची। हालांकि शनिवार को अधिकतर निजी स्कूल संचालकों ने विद्यार्थियों की छुट्टी कर रखी थी, लेकिन शिक्षकों व गैर शिक्षक कर्मचारियों को बुलाया था। हैरानी की बात है कि शुक्रवार को ही डीसी ने निजी स्कूल संचालकों की बैठक लेकर वाहनों की फिटनेस सहित तताम नियम कायदे बताकर उनका पालन करने को कहा था। अवकाश के दिन स्कूल खोलने वाले स्कूलों पर कार्रवाई की बात कहीं थी लेकिन इसके बावजूद स्कूल खोले गए।
बस अड्डे पर खड़ी रहने वाली स्कूल बसें हुई गायब
बच्चों को स्कूल छोड़ने के बाद अधिकतर निजी स्कूलों की बसें मुख्य मार्गों पर खड़ी नजर आती थी। अधिकतर निजी स्कूल बसें पुराने बस अड्डे पर खड़ी रहती थी लेकिन शनिवार को ये बसें नजर नहीं आई। पुराना बस अड्डा भी पूरी तरह से खाली नजर आया और सड़कों के किनारे खड़ी रहने वाली बसें भी दिखाई नहीं दी।
वर्जन
उनके पास निजी स्कूल खोलने की कोई शिकायत नहीं आई है। यदि आज स्कूल खुले और बच्चे बुलाए गए हैं तो वह गलत है। उनके स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। शिक्षकों को निजी स्कूल बुला सकते हैं। ट्रैफिक पुलिस अपनी चालान कार्रवाई कर रही है। सभी बसों की जांच करवाई जाएगी।
सुभाष भारद्वाज, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी, झज्जर