झज्जर। चांदोल गांव में स्थित मंदिर के पुजारी की तेजधार हथियार से हत्या कर दी गई। मृतक की शिनाख्त कोसली के कन्नड़वास निवासी 65 वर्षीय सुमेर के रूप में हुई है। फिलहाल हत्या के कारणों का खुलासा नहीं हो सका है। सूचना पर पहुंची पुलिस और एफएसएल टीम ने जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने अज्ञात लोगों पर हत्या का केस दर्ज किया है।
कोसली के कन्नडवास के रहने वाले 65 वर्षीय सुमेर यहां मंदिर में रहते थे। शुक्रवार की सुबह जब श्रद्धालु पूजा-अर्चना के लिए मंदिर में पहुंचे तो सुमेर का खून से सना शव बरामद हुआ। सूचना पर पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम केे लिए भेज दिया।
एसीपी शमशेर सिंह ने बताया कि ग्रामीणों ने सूचना दी थी कि मंदिर के पुजारी की किसी ने हत्या कर दी है। उसके शरीर पर तेजधार हथियार के निशान मिले हैं। पुलिस ने पुजारी के बेटे विजय की शिकायत पर अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
दो साल से पुजारी का काम देख रहे थे सुमेर
ग्रामीणों ने बताया कि मृतक सुमेर रेलवे में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी थे। सात साल पहले वह सेवानिवृत्त हो गए थे। सुमेर की पत्नी की 2015 में बीमारी के कारण मौत हो गई थी, जबकि बड़े बेटे का भी 2018 में कैंसर से निधन हो गया था। पत्नी व बेटे की मौत के बाद से सुमेर पिछले दो साल से चांदोल गांव के मंदिर में पुजारी का काम देख रहे थे। अभी वे अपने पीछे एक लड़का व लड़की छोड़ गए हैं।
वर्जन-
-मंदिर के पुजारी की तेजधार हत्या का मामला सामने आया है। आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर अलग-अलग टीमों का गठन किया गया है। जल्द ही आरोपियों को पकड़ लिया जाएगा।
-शमशेर सिंह, एसीपी