पीजीआई में पकड़े गए फर्जी डॉक्टर साहद को अदालत में पेश करने पहुंचे पुलिसकर्मी। संवाद
रोहतक। पीजीआई की ओपीडी के छोटे ऑपरेशन थिएटर (माइनर ओटी) में अपने इंटर्न दोस्त डॉ. कृष्ण गहलोत को बचाने के लिए ड्यूटी करने वाला 12वीं पास साहद जेल भेज दिया गया है। पुलिस इंटर्न की तलाश कर रही है। इधर पीजीआई प्रशासन ने इंटर्न को डिबार करने की तैयारी कर ली है। हरियाणा व नेशनल मेडिकल काउंसिल को भी आरोपी का पंजीकरण नहीं करने के लिए पत्र भेजा जाएगा।
ओपीडी में मरीजों की मरहम पट्टी करने वाले साहद को पुलिस ने शुक्रवार को अदालत में पेश किया। यहां से उसे अदालत के आदेश पर जेल भेज दिया गया। आरोपी इंटर्न मामले का खुलासा होने के बाद से लापता है। पुलिस उसकी तलाश में जुटी है और इस मामले में कुछ भी कहने से बच रही है।
इंटर्न मामले की जांच के लिए बनाई टीम
पीजीआई प्रशासन ने इंटर्न डॉ. कृष्ण गहलोत के मामले में संस्थान की अनुशासनात्मक कमेटी को जांच सौंपी है। कमेटी पता करेगी कि इंटर्न कितने समय से दूसरे को अपनी जगह भेज रहा था। उसका पहचान पत्र कैसे और कहां बना, इस बारे में भी पता किया जाएगा। यह भी जानने का प्रयास किया जाएगा कि और कितने इंटर्न या चिकित्सकों की जगह ड्यूटी की गई है। ऐसे लोग मिले तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई होगी।
यह है मामला
पीजीआई के छोटे ऑपरेशन थिएटर में 12वीं पास साहद को वीरवार को पकड़ा गया था। वह अपने इंटर्न दोस्त डॉ. कृष्ण गहलोत की जगह ड्यूटी दे रहा था। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। पीजीआई प्रशासन भी कार्रवाई कर रहा है।
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पीजीआई प्रशासन की ओर से दी गई शिकायत पर केस दर्ज कर आरोपी को अदालत में पेश किया गया। यहां से उसे जेल भेज दिया गया। वहीं, डॉ. कृष्ण की तलाश की जा रही है। -रोशन लाल,पीजीआई थाना प्रभारी।
इंटर्न को डिबार किया जाएगा। प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। डिग्री व पंजीकरण पर रोक लगाने के लिए हरियाणा व नेशनल मेडिकल काउंसिल को लिखा जाएगा। संस्थान की अनुशासनात्मक कमेटी को मामले की जांच सौंपी गई है। इसके बाद अगला कदम उठाया जाएगा। -डॉ. एसके सिंघल, निदेशक, पीजीआई।