रोहतक। कोरोना संक्रमण के तेजी से फैसले जाल और बढ़ते संक्रमित मरीजों की संख्या ने सभी को चिंता में डाल दिया है। इस चिंता के बावजूद 21 सितंबर से स्कूल खुलने जा रहे हैं। शिक्षा विभाग की सर्वे में 81 प्रतिशत अभिभावकों ने बच्चों को स्कूल भेजने पर सहमति जताई है। इसके चलते सरकार ने 30 सितंबर तक ट्रायल के तौर पर कक्षा नौवीं से बारहवीं तक के विद्यार्थियों को बुलाया है। इसके लिए विद्यार्थियों को अपने अभिभावकों से लिखित सहमति लानी होगी। जबकि खुद विभाग कह रहा है कि स्कूल में पढ़ाई नहीं होगी। यही नहीं शिक्षकों को भी सोमवार को अपनी कोरोना जांच रिपोर्ट के साथ स्कूल आना है।
कोरोना के चलते 21 मार्च से लॉकडाउन घोषित कर दिया गया। इसके बाद शिक्षण संस्थान बंद हैं। अब सरकार ने इन्हें खोलने की ओर कदम बढ़ाया है। इस बारे में अभिभावकों से स्कूल खोलने के संबंध में उनकी राय मांगी गई। शिक्षा विभाग की इस सर्वे में कक्षा नौ से 12वीं तक के विद्यार्थियों के अभिभावक शामिल किए गए। इसमें शिक्षा विभाग ने 81 प्रतिशत लोगों की स्कूल खोलने व बच्चों को वहां भेजने के प्रति सहमति जताई है।
सर्वे में अभिभावकों के बड़े तबके की सहमति के बाद सरकार ने भी 21 सितंबर से एसओपी (टेंडर्ड ओपरेटिंग प्रोजिसजर) का पालन करते हुए स्कूल खोलने के निर्देश जारी किए हैं। फिलहाल 50 से अधिक बच्चे नहीं जाएंगे। विद्यार्थी भी अपने अभिभावकों की लिखित मंजूरी के साथ ही स्कूल आएंगे। इनका पूरा रिकार्ड रखा जाएगा। स्कूल में सेनिटाइजेशन व थर्मल स्कैनिंग की व्यवस्था रहेगी। हर किसी को इनकी जांच प्रक्रिया से होकर ही स्कूल पहुंचना होगा। सरकार ने फिलहाल 30 सितंबर तक ट्रायल के तौर पर स्कूल खोलने की योजना बनाई है। इस दौरान कोरोना केसों पर नजर रखी जाएगी। केस के हिसाब से ही अगला फैसला लिया जाएगा। निजी स्कूलों भी यही तरीका अपनाना होगा।
शिक्षकों को करानी होगी कोरोना जांच
शिक्षा विभाग ने पत्र में कहा है कि सरकारी व गैर सरकारी स्कूलों के शिक्षकों का स्कूल जाने से पहले सोमवार को मोबाइल में आरोग्य सेतु एप अपलोड करने व कोरोना जांच कराना अनिवार्य है। इसके लिए डीईओ को उपायुक्त एवं सीएमओ की सहायता से जांच की समुचित व्यवस्था करने के लिए कहा गया है।
स्कूल में नहीं होगी किसी तरह की शेयरिंग
कोरोना के चलते स्कूल में किसी तरह शेयरिंग नहीं होगी। विद्यार्थी किसी से अपनी कापी, किताब, पैन, खाना या अन्य कोई भी चीज अदला-बदली नहीं करेंगे। कंटोनमेंट जोन में स्कूल नहीं खुलेंगे। स्कूल केवल कंटोनमेंट जोन से बाहर वाले ही खोले जाएंगे।
---
स्कूल खोलने को लेकर सर्वे पूरा हो गया है। इसमें 81 प्रतिशत अभिभावकों ने बच्चों को स्कूल भेजने पर सहमति जताई है। इसके चलते 21 से 30 सितंबर तक ट्रायल के तौर पर कंटोनमेंट जोन से बाहर से स्कूल खोले जाएंगे। यहां सभी तरह का एहतियात बरतना होगा। शिक्षकों को अपनी कोरोना जांच कराना जरूरी है। इसके लिए सीएचसी, पीएचसी स्तर पर भी जांच की व्यवस्था रहेगी। संदिग्ध के लिए जांच बेहद जरूरी है।
-डॉ. विजय लक्ष्मी, जिला शिक्षा अधिकारी।