स्वास्थ्य विभाग ने कोरोना की संभावित तीसरी लहर को ध्यान में रखते हुए नवजात व बच्चों के उपचार की तैयारियां अभी से शुरू कर दी हैं। जिले में बच्चों की संख्या के अनुरूप देखा जा रहा है कि यदि महामारी इस आयु वर्ग में आती है तो सरकारी व निजी अस्पतालों में उपचार के क्या इंतजाम हैं।
सोमवार को सिविल सर्जन डॉ. अनिल बिरला की अध्यक्षता में डिप्टी सिविल सर्जन एवं जिला नोडल अधिकारी कोविड डॉ. राजबीर सभ्भरवाल ने बैठक की। इसमें तय हुआ कि विभाग टीम तैयार करेगा, जोकि सरकारी व निजी अस्पतालों में बच्चों के लिए बेड, ऑक्सीजन व वेंटिलेटर इंतजामों का खाका तैयार करेगी। साथ ही यह भी पूछा जाएगा कि वह आपात स्थिति पड़ने पर वह कितना अतिरिक्त इंतजाम कर सकते हैं। विभाग ने सरकार को रिपोर्ट बतानी है कि उनके पास कितना इंफ्रास्ट्रक्चर है और कितने की जरूरत है। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग के अलावा पीजीआईएमएस व निजी अस्पतालों के बाल रोग विशेषज्ञों से भी बात की जाएगी। इसमें इंफेंट, नियोनेटाल, बच्चों पर खास ध्यान रखा जाएगा। डॉ. सभ्भरवाल ने बताया कि अभी हमारे पास डेढ़ से दो माह का समय है, जब तक तीसरी लहर नहीं आती हमें हर संभव इंतजाम करने होंगे। सरकार को जिले में मौजूद स्वयं के, निजी संस्थानों व डोनेशन में मिली व्यवस्थाओं का रिकॉर्ड भेजना है। इसी हिसाब से सरकार तीसरी लहर से निपटने की तैयारी करेगी।