प्रदेश में कोरोना की दस्तक के बाद स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड में है। जिले के नागरिक अस्पताल में कोविड मरीजों के लिए 36 बिस्तर का आईसीयू तैयार है। इन सभी पर वेंटिलेटर भी मुहैया कराए गए। फिलहाल ये वेंटिलेटर प्रयोग में नहीं आ रहे हैं।
आईसीयू कोविड के बाद से बंद हैं। इसकी वजह यहां गंभीर मरीजों का नहीं आना बताया जा रहा है। पीजीआई प्रशासन भी 40 हजार लीटर लिक्विड ऑक्सीजन व यहां 1000 से अधिक बेड हैं। इसके अलावा 100 से अधिक वेंटिलेटर हैं। पर्याप्त पीपीपी किट, सैनिटाइजर और मास्क भी उपलब्ध है।
स्वास्थ्य विभाग के पास इस बार पहले से ही बेड, ऑक्सीजन, वेंटिलेटर, कंसंट्रेटर व अन्य जरूरी चीजें दुरुस्त हैं। साथ ही स्वास्थ्य विभाग लोगों को संक्रमण का संदेह या संक्रमित होने पर आइसोलेट होने की सलाह दे रहा है। संक्रमण को दूसरों तक फैलने से रोकने के लिए भीड़ में न जाने, हाथ साफ रखने, सैनिटाइजर का प्रयोग करने, मास्क लगाने व उचित दूरी बनाए रखने के लिए भी प्रेरित किया जा रहा है।
कोविड में मिले थे वेंटिलेटर
कोविड काल में मरीजों की गंभीर स्थिति के चलते वेंटिलेटरों की खासी जरूरत पड़ी। अस्पतालों में बिस्तरों से ज्यादा वेंटिलेटरों की मांग रही। गंभीर रोगियों के लिए वेंटिलेटर कम होने के चलते बने गंभीर हालातों में स्वास्थ्य विभाग ने आनन-फानन में नए वेंटिलेटर खरीदे। इसी कड़ी में पीजीआई में भी बड़ी संख्या में वेंटिलेटर आए। इसके बाद यहां वेंटिलेटरों की संख्या 100 से अधिक हो गई। इससे पूर्व आपात विभाग के आईसीयू में ही आठ वेंटिलेटर होते थे। ऐसे में मरीजों को भी राहत मिली है।
कोविड के समय अस्पताल में मरीजों के लिए सभी सुविधाएं मुहैया कराई गई थी। यह सभी सुविधाएं दुरुस्त हैं। इसमें वेंटिलेटर, ऑक्सीजन प्लांट, ऑक्सीजन सिलिंडर, कंसंट्रेटर व अन्य चीजें शामिल हैं। कोराना संक्रमित आते हैं तो उनके लिए आईसीयू खोल दिया जाएगा।
डॉ. रेनु भांबू, पीएमओ, नागरिक अस्पताल।