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अतिक्रमण हटाते समय प्रधान को लगा धक्का, व्यापारी भड़के

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भिवानी स्टैंड पर वीरवार की शाम को अतिक्रमण हटवाए जाने के दौरान नगर निगम आयुक्त प्रदीप गोदारा से
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शहर में बाजारों से अतिक्रमण हटाने को लेकर नगर निगम कमिश्नर प्रदीप गोदारा अपनी टीम के साथ वीरवार दोपहर फील्ड में उतरे। इस दौरान भिवानी स्टैंड पर सड़क किनारे से तंदूर हटाने को लेकर प्रधान एवं ढाबा मालिक गौरव डाबरा के साथ धक्का - मुक्की होने पर व्यापारी भड़क गए। इसके बाद आयुक्त व निगम की टीम का व्यापारियों ने घेराव ही नहीं किया, बल्कि छोटूराम चौक तक आयुक्त को गाड़ी में नहीं बैठने दिया। हालांकि देर शाम करीब 5 बजकर 50 मिनट पर निगम ऑफिस में आयुक्त प्रदीप गोदारा ने होटल मालिक गौरव डाबरा व व्यापारियों को समझा बुझाकर शांत किया। उधर, व्यापारियों ने आयुक्त को अतिक्रमण हटाने में सहयोग देने का भरोसा दिया।
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याद रहे कि एक दिन पहले रेलवे रोड टेड्रर्स एसोसिएशन के व्यापारियों ने मीटिंग कर नगर निगम को अतिक्रमण हटाने को लेकर 7 दिन का अल्टीमेटम दिया था। डेढ़ बजे निगम आयुक्त अपनी टीम के साथ सबसे पहले भिवानी स्टैंड व रेलवे रोड पर अतिक्रमण हटवाया। साथ में भारी संख्या में पुलिस भी मौजूद रही। दुकानों के बाहर रखे सामान को निगम कर्मियों ने उठाकर गाड़ियों में डालना शुरू कर दिया। इस कार्रवाई का कुछ व्यापारियों ने विरोध किया। इसी बीच भिवानी स्टैंड स्थित ढाबे पर निगम आयुक्त की टीम पहुंची। ढाबा मालिक एवं भिवानी स्टैंड के प्रधान गौरव डाबरा को आयुक्त ने तंदूर अंदर रखने के लिए कहा। डाबरा का कहना है कि उसने तो कुछ बोला ही नहीं था कि, उसे आयुक्त ने पीछे धकेल दिया। गौरव ने तुरंत दूसरे व्यापारी नेताओं को फोन कर दिया। पालिका बाजार प्रधान गुलशन निझावन, किला रोड प्रधान बिट्टू सचदेवा, दूसरे प्रधान हैप्पी अनेजा, व्यापारी नेता गुलशन डंग, झज्जर रोड के प्रधान राजू भुटानी, गोहाना अड्डा प्रधान कपिल नागपाल व दूसरे व्यापारी भिवानी स्टैंड पर पहुंच गए। इसके बाद निगम की टीम का घेराव कर लिया। आयुक्त को घेरने का प्रयास किया गया। किसी तरह पुलिस ने आयुक्त को बाहर निकाला। हालांकि उनकी गाड़ी पीछे रह गई। आयुक्त पुलिस की मौजूदगी में भिवानी स्टैंड से छोटूराम चौक तक पैदल ही पहुंचे। व्यापारी साथ-साथ विरोध करते चलते। शाम छह बजे निगम आयुक्त के कार्यालय में मेयर मनमोहन गोयल की मौजूदगी में दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया।
यूं चला घटनाक्रम
: 1 बजकर 29 मिनट : नगर निगम कमिश्नर पूरी टीम के साथ किला रोड और किला रोड मार्केट के सामने पहुंचे और दुकानदारों को अतिक्रमण हटाने की चेतावनी दी।
: 2 बजकर 12 मिनट : निगम की टीम ने सामान उठाना शुरू कर दिया। साथ ही भिवानी स्टैंड एसोसिएशन प्रधान गौरव डाबरा के ढाबे के बाहर लगा तंदूर हटाने की बात हुई।
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: 2 बजकर 14 मिनट : निगम आयुक्त प्रदीप गोदारा और प्रधान गौरव डाबरा के बीच कहासुनी। डाबरा ने कमिश्नर पर लगाया धक्का देने का आरोप।
: 2 बजकर 37 मिनट : प्रधान से धक्का मुक्की की खबर व्यापारियों के बीच आग की तरह फैली, व्यापारी विरोध में भिवानी स्टैंड पर एकत्रित होने शुरू हो गए।
: 2 बजकर 59 मिनट : एक-एक दुकान पर अतिक्रमण हटाने की चेतावनी देते हुए कमिश्नर टीम के साथ रेलवे स्टेशन के गेट तक पहुंचे।
: 4 बजकर 29 मिनट : रेलवे स्टेशन गेट से वापस होते हुए कमिश्नर टीम के साथ भिवानी स्टैंड पहुंचे।
: 4 बजकर 31 मिनट : भिवानी स्टैंड व्यापारियों ने कमिश्नर को घेर लिया और उन्हें गाड़ी में नहीं बैठने दिया। इससे तनावपूर्ण स्थिति पैदा हो गई, कमिश्नर की गाड़ी के आगे व्यापारी अड़कर खड़े हुए और उनके द्वारा की गई धक्कामुक्की और सामान जब्त कार्रवाई का विरोध किया।
: 4 बजकर 38 मिनट : कमिश्नर ने फिर से गाड़ी में बैठने का प्रयास किया तो इस दौरान व्यापारियों और कमिश्नर के बीच फिर से कहासुनी शुरू हो गई। व्यापारियों ने नारेबाजी कर विरोध प्रदर्शन शुरू किया।
4 बजकर 39 : कमिश्नर भिवानी स्टैंड से पैदल ही कार्यालय की तरफ चल पड़े। कुछ व्यापारी उनके साथ-साथ नारेबाजी करते चलने लगे।
4 बजकर 45 मिनट : छोटूराम चौक पर करीब 600 मीटर पैदल चलने के बाद आयुक्त सरकारी गाड़ी में बैठकर निकल गए।
4 बजकर 55 मिनट : व्यापारी छोटूराम चौक पर खड़े होकर रणनीति बनाने लगे। तय हुआ कि निगम में एक बार आयुक्त से मिला जाए।
4 बजकर 59 मिनट : व्यापारी नेता निगम आफिस पहुंचे, लेकिन वहां आयुक्त नहीं मिले। एक बार तो उनका मोबाइल नंबर भी बंद आ रहा था। व्यापारी आयुक्त का कार्यालय में ही इंतजार करने लगे, लेकिन थोड़ी देर बाद तय हुआ कि भिवानी स्टैंड जाम कर देते हैं।
5 बजकर 30 मिनट : डीएसपी मुख्यालय गौरखापाल ने व्यापारियों को बताया कि निगम आयुक्त अपने कार्यालय पहुंच रहे हैं।
5 बजकर 42 मिनट : कमिश्नर निगम कार्यालय पहुंचे, 9 मिनट की बातचीत के दौरान ही दोनों पक्षों ने अपनी-अपनी गलती मानी।
5 बजकर 51 मिनट : कमिश्नर ने प्रधान गौरव को पास बुलाया और गले लगा कर जादू की झप्पी दी। इसके साथ ही मामला शांत हो गया।
5 बजकर 55 मिनट : मेयर मनमोहन गोयल निगम कार्यालय पहुंचे। अतिक्रमण की समस्या पर मंथन करने लगे। व्यापारी बोले, जिस वार्ड में अतिक्रमण हटे, वहां पार्षद मौजूद होना चाहिए। मेयर बोले, यह काम पार्षदों का नहीं, बल्कि अधिकारियों और व्यापारियों के बीच का है।
6 बजकर 14 मिनट : व्यापारी निगम कार्यालय से लौट गए।
बाजार में 15 फीट तक अतिक्रमण किया हुआ है। एक दिन पहले व्यापारियों ने ही अतिक्रमण हटाने की चेतावनी दी थी। अब अतिक्रमण हटा रहे हैं तो बाधा डाली जा रही है। जहां तक भिवानी स्टैंड पर होटल मालिक गौरव डाबरा के साथ व्यवहार की बात है। उनके साथ कोई मनमुटाव नहीं है। व्यापारी निगम का अतिक्रमण हटाने में सहयोग करें।
- प्रदीप गोदारा, आयुक्त नगर निगम
निगम आयुक्त अपनी टीम के साथ भिवानी स्टैंड पर पहुंचे। बड़ी तेजी से व्यापारियों का सामान उठाकर फेंका जाने लगा। इसी बीच उनकी दुकान पर आयुक्त आए और तंदूर हटाने को कहने लगे। मैं तो अभी ठीक से जवाब नहीं दे पाया था कि उनके पीछे धकेल दिया गया। फिर व्यापारी साथी आ गए। हालांकि अब उनका आयुक्त से कोई मनमुटाव नहीं है।
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- गौरव डाबरा, भिवानी अड्डा दुकानदार एसोसिएशन प्रधान एवं ढाबा मालिक
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