रोहतक। पीजीआईएमएस की सीआरएस ओपीडी में पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मोड पर संचालित हो रही जांच लैब का अलग रास्ता होगा। इसके चलते वेटिंग कर रहे मरीजाें को बाहर अपनी बारी का इंतजार करना होगा। मरीजों के बैठने और इंतजार करने की व्यवस्था अब निजी कंपनी के जिम्मे होगी। प्रशासन का कहना है कि ओपीडी की सुरक्षा के लिहाज से यह कदम उठाया जा रहा है।
हरियाणा सरकार के निर्देशानुसार संस्थान में निजी कंपनी ने सरकार की शर्तों को मानते हुए अपनी सीटी व एमआरआई जांच की मशीनें लगा रखी हैं। सरकार की ओर से तय कीमत पर यहां मरीजों की जांच की जाती है। इस जांच केंद्र को लेकर प्रशासन परेशान है कि सीआरएस ओपीडी की सुरक्षा के लिए अतिरिक्त इंतजाम करने पड़ते हैं। क्योंकि तय समय पर रोजाना ओपीडी बंद हो जाती है और जांच केंद्र के लिए इस भवन को 24 घंटे के लिए खोलना पड़ता है। यही नहीं अवकाश वाले दिन ओपीडी बंद रहती हैं, लेकिन ओपीडी भवन खुला रहता है। यहां पर पीजीआईएमएस प्रशासन को अतिरिक्त सुरक्षा कर्मी, बिजली व चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी तैनात करने पड़ते हैं।
पीजीआईएमएस में भी होती है सीटी व एमआरआई जांच
पीजीआईएमएस में निजी लैब के अलावा मरीज सीटी व एमआरआई जांच ट्रॉमा सेंटर व रेडियोलॉजी विभाग में भी करवा सकते हैं। यहां सीटी, एमआरआई की फिल्में व जांच में प्रयोग होने वाला कंट्रास निशुल्क दिया जाता है। यही नहीं वार्ड में दाखिल मरीजों की जांच भी कम कीमत में होती है।
बोले अधिकारी
निजी कंपनी को अलग रास्ता दिया जाएगा। ओपीडी की सुरक्षा और संस्थान पर बढ़ रहे खर्च को देखते हुए यह कदम उठाया गया है। इस संबंध में निजी कंपनी को पहले भी कहा गया है। कंपनी अपने मरीजों के लिए बैठने का इंतजाम स्वयं करेगी। इस संबंध में हेल्थ विभाग के एसीएस के भी निर्देश हैं कि कंपनी अपने अलग रास्ते का प्रयोग करे।
- डॉ. रोहतास कंवर यादव, निदेशक, पीजीआईएमएस