महम के गांव खरकड़ा की गली में भरे पानी से गुजरते ग्रामीण। संवाद
महम। स्थानीय पुराने बस स्टैंड पर स्थित तालाब ओवरफ्लो हो गया है। मौसम विभाग की ओर से तीन सितंबर तक तेज बारिश की संभावना जताई गई है। अगर ऐसा होता है तो बाढ़ की नौबत आ जाएगी। इस तालाब के ओवरफ्लो होने के बाद जब भी बरसात होती है तो इसके साथ लगती बस्ती वार्ड 14 , किशनगढ़ गांव व इमलीगढ़ गांव में बाढ़ आती है। प्रशासन की ओर से तालाब के पानी निकासी के लिए मोटर पंप लगा रखे हैं। जिसमें 24 घंटे बिजली सप्लाई का प्रावधान किया हुआ है।
वार्ड वासियों ने कहा कि मोटर बंद पड़े हैं। इस बारे में वार्ड 14 के पार्षद विकास श्योराण का कहना है कि तालाब से पानी निकासी के लिए चार मोटरें लगाई गई हैं। इनमें से दो मोटरें किसानों की लगवाई हुई हैं। उनको जरूरत नहीं है इसलिए बंद हैं। बताया कि दो मोटर चालू हैं। कुछ पानी निकाला भी है लेकिन यह पानी खेतों में निकाला जाता है। फसलें भी बची रहें और बस्ती में बाढ़ भी न आए इसका ध्यान रखा जा रहा है।
उन्होंने कहा कि जब बस्ती में बाढ़ आने लगेगी तो सभी मोटर चलाकर पानी निकासी की जाएगी। इसके अलावा स्थायी समाधान के लिए मौसम खुलने के बाद भराण रोड पर स्थित मलशोधक तक पानी को ले जाने के लिए पाइप दबाए जाएंगे। तालाब को शुद्ध व गंदा पानी के लिए दो भागों में बांटा जाएगा। शुद्ध पानी को टाउन पार्क में पेड़ों की सिंचाई के लिए प्रयोग किए जाने की योजना है।
14 गांवों में जलभराव का डर
खंड के गांव खरकड़ा, भैणी सुरजन व सैमाण सहित लगभग 14 गांवों में घरों में पानी घुसने की आशंका है। खरकड़ा गांव का तालाब भी ओवरफ्लो हो गया है। नीचे बस्ती की गली में पानी भर गया है। सरपंच राजीव का कहना है कि भीखन वाला तालाब ओवरफ्लो हो गया है। प्रशासन की ओर से पाइप मिल गए हैं।
ट्रैक्टर से पानी निकालने का कार्य शुरू कर दिया है। भैणी सुरजन की सरपंच काजल का कहना है कि ग्रामीणों की मदद से गांव के चारों ओर बंधा बना दिया गया है। जो तीन फुट ऊंचा है। अब गांव के अंदर पानी आने की संभावना नहीं है। खेतों में जलभराव ज्यों का त्यों है जितना पानी निकाला जाता है बरसात आने से उतना ही बढ़ जाता है।