फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Rohtak News: एक्यूआई 303 पर पहुंचा तो प्रदूषण बोर्ड सख्त, 8 उद्योगपतियों को नोटिस

विज्ञापन
13सीटीके44...माता दरवाजा पर बुधवार को सुबह के समय छाई धुँध। संवाद
विज्ञापन
रोहतक। एक्यूआई 303 पहुंच गया है। इस गंभीर स्थिति में लोगों का सांस फूलने लगा है। पराली जलाने, आतिशबाजी, वाहनों का अंधाधुंध प्रयोग इसकी वजह बन रहे हैं। मौसम में आए बदलाव से हवा में बढ़ी नमी की मात्रा ने प्रदूषण की समस्या को और बढ़ा दिया है। नमी व धूल कणों के मिलने से स्मॉग बन गया है। इस कारण दिनभर स्मॉग की चादर छाई रही। बुधवार सुबह 6 बजे दृश्यता 15 मीटर तक ही रही, हालांकि जैसे-जैसे दिन चढ़ता गया तो स्मॉग भी छंटने लगा। ऐसे में मंगलवार रात से बुधवार सुबह तक वाहन चालकों की परेशानी बढ़ गई। प्रदूषण की यह स्थिति अभी कुछ दिन बनी रहेगी।
विज्ञापन

प्रदूषण खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। यह बुधवार को अधिकतम 464 पर पहुंचने के बाद 303 पर बना रहा। औसत एक्यूआई 184 रहा। प्रदषण की यह गंभीर स्थिति सांस के मरीजों के साथ आम लोगों के लिए भी हानिकारक है। यही वजह है कि हरियाणा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने ग्रैप दो लागू कर दिया है। इसके तहत निर्माण कार्य, जनरेटर प्रयोग करने, पराली या कूड़ा जलाने पर रोक लगाई है। सड़कों पर पानी का स्प्रिंकलिंग सिस्टम से छिड़काव किया जाना सुनिश्चित किया गया है। इसका मकसद हवा में धूल कणों को कम करना या बढ़ने से रोकना है। नगर निगम की एक मशीन पानी छिड़कने का काम कर रही है। निर्माण कार्यों पर काफी हद तक रोक है। जहां निर्माण चल रहा है, वहां हरा कपड़ा लगाया गया है। पराली व कूड़ा जलाने के मामले लगातार सामने आ रहे हैं।
8 डीजी सेट का किया चालान, संचालकों से जवाब तलब
उद्योगों में बड़े जनरेटर भी खूब धुआं निकाल रहे हैं। इन पर नियमानुसार, आरईसीडी किट लगाने, सीपीसीबी-फोर उपकरण लगाने, पीएनजी व ड्यूल फ्यूल सिस्टम अनिवार्य किया गया है। औद्योगिक क्षेत्रों में ऐसा नहीं हो रहा है। ज्यादातर डीजी सेट निमयों पर खरा नहीं उतर रहे हैं। उद्योगों के लिए पर्याप्त बिजली नहीं मिलने के चलते उद्योगपतियों को डीजी सेट चलाने पड़ रहे हैं। यही वजह है कि बोर्ड ने निमयों के विरुद्ध डीजी सेट चलाने पर 8 लोगों को नोटिस जारी किया है। इनके संचालकों से जवाब तलब किया गया है। जवाब आने के बाद ही अगला कदम उठाया जाएगा। यही नहीं, प्रदूषण बोर्ड ग्रैप-3 लागू करने की तैयारी कर रहा है।
विज्ञापन


उद्योगों के लिए पर्याप्त मात्रा में बिजली देने की मांग
उद्योग कल्याण संगठन आईएमटी के प्रधान ने बताया कि प्रदूषण का मामला गंभीर है। यह अकेले उद्योगों के कारण नहीं है। सरकार उद्योगों को पर्याप्त मात्रा में बिजली दे तो उद्योगपति जनरेट रखेंगे ही नहीं। आईएमटी में फेज-1 में बिजली काफी हद तक बेहतर है। यहां 24 में से 20 घंटे बिजली सप्लाई मिल जाती है, जबकि फेज-2 और 3 में स्थिति खराब है। यहां फाॅल्ट आते रहते हैं। इन्हें तलाशने में ही टीम घंटों लगा देती है। ऐसे में जनरेटर चलाना उद्याेगपतियों की मजबूरी बन जाती है। एनसीआर में हाेने के चलते यह दिक्कत ज्यादा है। इसलिए सरकार उद्योगपतियों को कुछ राहत दे।

प्रदूषण लगातार बढ़ रहा है। इस कारण स्वास्थ्य संबंधी मुश्किलें होने लगी हैं। प्रदूषण बोर्ड ने ग्रैप-2 के नियम लागू किए हैं। स्थिति और बढ़ने पर ग्रैप-3 के नियम लागू किए जाएंगे। फिलहाल नियमों का पालन नहीं करने वालों पर नजर है। लगातार जांच की जा रही है। नियमों को पूरा नहीं करने वाले 8 डीजी सेट चालाने पर संचालकों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया गया है। यह कार्रवाई जारी रहेगी।
विज्ञापन

- दिनेश कुमार, क्षेत्रीय अधिकारी, हरियाणा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, रोहतक।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें