रोहतक। महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय की 22 एकड़ से अधिक जमीन को लेकर एक बार फिर विवाद गहरा गया है। छात्र नेता डॉ. प्रदीप देशवाल ने आरोप लगाया है कि भाजपा की प्रदेश सरकार विश्वविद्यालय की बेशकीमती जमीन को मुफ्त में लेकर वहां नया कोर्ट कॉम्प्लेक्स बनाने की तैयारी कर रही है।
उन्होंने इस मामले में सीजेआई सूर्यकांत से संज्ञान लेने की अपील की है। डॉ. देशवाल ने कहा कि सीजेआई के एमडीयू आगमन पर छात्रों को उनसे बड़ी उम्मीद है। उनका कहना है कि सीजेआई का विश्वविद्यालय से पुराना संबंध रहा है, इसलिए वे विश्वविद्यालय हित में हस्तक्षेप करेंगे।
इस संबंध में उन्हें पत्र और ई-मेल के माध्यम से भी अवगत कराया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि इससे पहले भी विश्वविद्यालय की जमीन पर गोशाला और कोविड काल में श्मशान घाट बनाने के प्रस्ताव लाकर कब्जे का प्रयास किया गया था लेकिन छात्रों के आंदोलन के चलते वे प्रयास सफल नहीं हो सके।
अब सरकार कोर्ट कॉम्प्लेक्स के नाम पर जमीन लेने की कोशिश कर रही है। डॉ. देशवाल ने कहा कि भविष्य में नए विभागों और कैंपस विस्तार के लिए विश्वविद्यालय को अतिरिक्त भूमि की आवश्यकता पड़ेगी। ऐसे में शैक्षणिक संस्थान की जमीन लेना उचित नहीं है। उन्होंने चेतावनी दी कि 22 एकड़ तो दूर, एमडीयू की एक इंच जमीन भी नहीं लेने देंगे। जरूरत पड़ी तो छात्र फिर से आंदोलन के लिए तैयार हैं।