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पाकिस्तानी होने के संदेह में पकड़े युवकों को पुलिस ने धार्मिक स्थल पर छोड़ा, लोगों ने जताया विरोध

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कुंडली थाना प्रभारी से बातचीत करते करनी सेना के प्रदेश संगठन महामंत्री दीपक चौहान व अन्य। - फोटो : Sonipat
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कुंडली (सोनीपत)। गांव अटेरना में करनी सेना के सदस्यों और ग्रामीणों ने जिन छह लोगों को पाकिस्तानी होने के शक में पकड़ था, उन्हें पुलिस ने पूछताछ के बाद छोड़ दिया। पुलिस जांच में पता लगा कि सभी दिल्ली और पानीपत के रहने वाले हैं, जो धर्म प्रचार के लिए निकले थे। इसी के चलते रात के समय गांव अटेरना में पहुंचे थे। वे नांगल कलां स्थित धार्मिक स्थल में रुके हुए थे। उनके पास कोई आपत्तिजनक वस्तु नहीं मिली, जिस पर पुलिस ने उनकी पहचान होने पर छोड़ दिया। हालांकि करनी सेना के सदस्यों और अटेरना के लोगों को जब उनके छोड़ने का पता लगा तो उन्होंने हंगामा किया और वे थाना पहुंच गए। जहां थाना प्रभारी ने उन्हें बताया कि मामले की जांच जारी है। सभी लोगों के मोबाइल नंबर और पते पुलिस के पास हैं, जिसके बाद लोग शांत हुए।
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विदित रहे कि अटेरना गांव में शुक्रवार की रात को छह लोग घूम रहे थे। जिनको ग्रामीणों और करनी सेना के सदस्यों ने शक होने पर रोक लिया और उनसे पूछताछ की थी। उन लोगों ने बताया कि वह गांव में एक परिवार के यहां आए हैं। जिनमें से उन्होंने एक व्यक्ति का नाम लिया था। इसका पता चलने पर ग्रामीण और करनी सेना के सदस्य उन्हें वहां लेकर गए थे। परिवार के सदस्य उनके नाम नहीं बता पाए थे। जिस पर ग्रामीणों को शक हुआ था। ग्रामीण उनकी तलाशी लेने लगे तो उनके पास से पाकिस्तान में बनी टोपी मिली थी, जिसके चलते कुछ ग्रामीणों ने उन्हें पाकिस्तानी समझ लिया था। हंगामा होने पर कुंडली थाना पुलिस को सूचित किया गया था। जिस पर पुलिस तुरंत मौके पर पहुंच गई थी। पुलिस सभी छह लोगों को थाने में ले गई थी। वहां पूछताछ की तो उन्होंने अपनी पहचान दिल्ली और पानीपत के निवासियों के रूप में दी। उन्होंने बताया कि वे पहले गोहाना, सोनीपत और झुंडपुर स्थित धार्मिक स्थल पर गए थे। अब वे नांगल कलां गांव स्थित धार्मिक स्थल में रुके हुए हैं। वे शुक्रवार देर शाम को अटेरना गांव में धर्म प्रचार के लिए गए हुए थे, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें नांगल कलां में धार्मिक स्थल पर भेज दिया था।
ग्रामीणों को बिना सूचना दिए छोड़ना गलत
करनी सेना के प्रदेश संगठन महामंत्री दीपक चौहान ने बताया कि रात को ग्रामीणों ने शक के आधार पर छह लोगों को पकड़ा था। सुबह उन्हें पता लगा कि पुलिस ने उन्हें छोड़ दिया है। जिसके चलते ही उन्होंने हंगामा किया। उनका कहना था कि ग्रामीणों ने ही उन्हें पकड़ा था। ऐसे में छोड़ने से पहले ग्रामीणों से बातचीत नहीं की गई। अगर क्षेत्र में कोई वारदात हो जाएगी तो उसका जिम्मेदार किसे ठहराया जाएगा।
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जांच की जा रही है
रात को ग्रामीणों ने छह लोगों को शक के आधार पर पुलिस को सौंपा था। सभी से पूछताछ की तो वे पानीपत और दिल्ली के निवासी निकले। उनके पास से किसी भी प्रकार की कोई संदिग्ध प्रचार सामग्री नहीं मिली है। वे जमात के सदस्य थे और धर्म प्रचार के लिए निकले हैं। वे गोहाना, सोनीपत, झुंडपुर और नांगल कलां स्थित धार्मिक स्थलों पर गए थे। वहां के प्रमुखों से भी बातचीत की गई। सभी के मोबाइल नंबर और पते पुलिस के पास है, जिनकी भी जांच कराई जा रही है। पुलिस सजगता के साथ काम कर रही है। वहीं, मेड इन पाकिस्तान टोपी के संबंध में लोगों ने बताया कि यह उनके रिश्तेदार लेकर आए थे।
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रवींद्र कुमार, थाना प्रभारी कुंडली।
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