रोहतक। पुलिस अधीक्षक हिमांशु गर्ग के निर्देशानुसार पुलिस लाइन में मनोविज्ञान का तीसरा सेमिनार आयोजित किया गया। डॉ. सौम्या अरोडा ने जवानों के मनोविज्ञान के बारे जाना व उन्हें खुश रहने और सही तरीके से जीने का मंत्र दिया। पुलिस अस्पताल के नेतृत्व में सेमिनार का आयोजन किया गया। सेमिनार में फार्मासिस्ट हरेंद्र व अन्य पुलिस के जवान उपस्थित रहे।
डॉ. सौम्या अरोड़ा ने जवानों से मानसिक सेहत पर बातचीत कर अपने विचार साझा किये। उन्होंने कहा कि किसी भी बीमारी का सही समय पर पता लग जाए तो इलाज आसान हो जाता है। मानसिक बीमारी को मानसिक कांउसिलिंग और थेरेपी के माध्यम से दूर किया जा सकता है। मानसिक सेहत का दायरा बड़ा है। मानसिक बीमारियों को समझना और उनका इलाज करना जरूरी है। इंसान को शारीरिक बीमारी का पहले ही पता लग जाता है, लेकिन मानसिक बीमारी के लक्षण को पहचाने में समय लगता है। इंसान मानसिक बीमार होने पर उदास रहने लगता है। किसी कार्य में मन नहीं लगता। काम न करना, चिड़चिड़ा होना व अन्य कारण मानसिक बीमारी की शुरुआत हो सकते हैं। इन्हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।