पानीपत के असंध रोड निवासी कपड़ा कारोबारी को लावारिस समझ अंतिम संस्कार करने पर वीरवार को परिजनों ने अर्बन एस्टेट थाने में हंगामा कर दिया। परिजनों ने पुलिस पर लापरवाही बरतने, पड़ोसी जिलों में मृतक की शनाख्त के लिए फोटो शेयर न करने का आरोप लगाया।
बता दें कि रोहतक जेएलएन में 14 अगस्त को एक शव मिला। पुलिस ने अपने स्तर पर शनाख्त के प्रयास किए और 18 अगस्त को लावारिस समझ अंतिम संस्कार कर दिया। 2 सितंबर को पोस्टर देख गोताखोर ने मृतक के परिजनों को सूचना दी। इसके बाद परिजनों ने कपड़ों व सामान से उसकी पहचान की। मृतक की पहचान पानीपत के कपड़ा कारोबारी मुकेश कुमार के रूप में हुई। इसके बाद परिजनों ने पहले पानीपत और फिर रोहतक थाने में हंगामा लिया।
पानीपत के आदर्श नगर के रहने वाले संजीव कुमार ने बताया कि उसके भाई मुकेश कुमार की असंध रोड पर कपड़े की दुकान थी। 12 अगस्त को मुकेश किसी से मिलने के लिए दुकान से निकले थे। इसके बाद घर नहीं लौटे। इस बारे में थाना मॉडल टाउन में गुमशुदगी की रपट दर्ज करवाई। बुधवार दोपहर करीब 12 बजे एक गोताखोर ने उन्हें फोन कर बताया कि कारोबारी का शव रोहतक में मिला था। उनके हाथ पर एमके लिखा था। इसके बाद शव की शनाख्त की गई।
देवर-भाभी सहित 3 पर शक, मांग रहे थे 2 लाख रुपये
भाई संजीव ने बताया कि पानीपत की रहने वाली एक महिला जिसका देवर रोहतक में रहता है। जिस दिन मुकेश लापता हुए उस दिन उक्त युवक उन्हें कॉल कर रहा था। कुछ दिन पहले मॉडल टाउन पुलिस ने देवर-भाभी को थाने में बुला लिया था। उस वक्त महिला ने बताया था कि मुकेश ने उनसे दो लाख रुपये उधार लिए थे, अब वह वापस नहीं कर रहा। उन्हें शक है कि उसी महिला ने अपने देवर और एक अन्य व्यक्ति के साथ मिलकर मुकेश की हत्या की है। रोहतक पुलिस ने बताया कि अभी पोस्टमार्टम रिपोर्ट नहीं दी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही पूरी स्थिति साफ हो सकेगी।
14 को जेएलएन में अज्ञात शव मिला था। शनाख्त के लिए पड़ोसी जिलों सहित पानीपत पुलिस को भी व्हाट्सअप के जरिये फोटो भेजा था। 18 अगस्त तक पहचान न होने पर पोस्टमार्टम के बाद अंतिम संस्कार कर दिया। बुधवार को परिजनों को गोताखोर ने पोस्टर देख इस बारे में सूचित किया तो परिजनों रोहतक थाने में पहुंचे और पूरे मामले की जानकारी लेकर चले गए थे।
- शमशेर सिंह, अर्बन एस्टेट थाना प्रभारी।