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Rohtak News: पुलिस ने दो बार क्लीन चिट दी, मां ने सबूत जुटा बच्ची से छेड़छाड़ के दोषी को सजा दिलाई

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रोहतक। पुलिस ने दो बार की जांच में 10 साल की बच्ची से छेड़छाड़ के केस में 60 साल के बुजुर्ग को क्लीन चिट दे दी। मां ने हार नहीं मानी, सबूत जुटाकर फिर पुलिस के आला अधिकारियों से गुहार लगाई, तब जाकर आरोपी के खिलाफ अदालत में आरोप पत्र दाखिल हो सका। अब एएसजे नरेश कुमार की अदालत ने पांच साल कैद की कठोर सजा सुनाई है, साथ ही अदालत ने फैसले में टिप्पणी की है कि ऐसे लोगों के साथ कठोरता नहीं बरती तो न्याय व्यवस्था पर सवाल उठेगा।
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पुलिस रिकाॅर्ड के मुताबिक, एक महिला ने सितंबर 2022 में महिला थाने में शिकायत दी थी कि उसकी 10 साल की बेटी दुकान पर थी। तभी पड़ोस का एक 60 साल का दुकानदार आया और उसकी बेटी को अपनी दुकान पर ले गया। उसके साथ छेड़छाड़ की। किसी तरह उसकी बेटी छुड़वाकर उसके पास आई और आरोपी की हरकत के बारे में बताया। महिला थाने में आरोपी के खिलाफ छेड़छाड़, जान से मारने की धमकी व 10 पॉक्सो एक्ट का मामला दर्ज किया। जनवादी महिला समिति की नेत्री डॉक्टर जगमति सांगवान और आप नेता लवलीन टुटेजा ने भी पीड़ित पक्ष की आवाज उठाई थी, लेकिन पुलिस ने फिर आरोपी को क्लीन चिट दे दी थी।
समझौते के लिए पैसे देने की बात का पीड़ित परिवार ने बनाया था वीडियो
पीड़ित परिवार ने बताया कि मामले में समझौते के लिए पैसे देने की बात कही गई। उन्होंने इसका वीडियो तैयार किया। आरोपी की पत्नी उनके घर आई तो उसका वीडियो बनाया, साथ ही आरोपी किसी को कह रहा था कि उसने खुद अपना सिर फोड़ा है, ताकि पीड़ित पक्ष को फंसाया जा सके। इसका भी ऑडियो तैयार किया। सबूत एएसपी मेधा भूषण को सौंपे गए। उन्होंने आरोपी को बुलाकर पूछताछ की। इसके बाद अदालत में चार्जशीट दाखिल की गई।
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आरोपी ने जज से उदार रुख अपनाने की लगाई थी गुहार
जिला अदालत में करीब एक साल से केस की सुनवाई चल रही थी। एएसजे नरेश कुमार की अदालत ने आरोपी को दोषी करार दिया है, साथ ही कोर्ट में दया याचिका दायर कर दोषी ने कहा कि उसकी बूढ़ी मां व तीन बच्चे हैं। परिवार में कमाने वाला अकेला है। पूर्व में किसी तरह का दोष साबित नहीं हुआ है। ऐसे में उसके साथ सजा देते समय उदार रुख अपनाया जाए। पीड़ित पक्ष ने इसका विरोध किया। कहा, इस तरह के अपराध में ऐसी सजा हो, जिससे दूसरों को भी सबक मिले। अदालत ने दोषी करार दिए गए बुजुर्ग को आईपीसी की धारा 354ए व 506 के तहत 3-3 साल की कठोर सजा व एक-एक हजार रुपये जुर्माना, 10 पॉक्सो एक्ट के तहत पांच साल कठोर कैद की सजा व 2 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। सभी सजा एक साथ चलेंगी।
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