एमडीयू क्वार्टर में बच्ची को बंधक बनाकर रखने और प्रताड़ित करने के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है।
आरोपी प्रोफेसर दंपति को जल्द पकड़ने के पुलिस के दावे पर एमडीयू प्रशासन ने ही पानी फेर दिया है। शिक्षा विभाग के आरोपी एसोसिएट प्रोफेसर अपने विभाग में छुट्टी की दरख्वास्त देकर शहर से बाहर निकल गए हैं।
इतने बड़े मामले के खुलासे और हायतौबा मचने के बाद भी आरोपी का यूं छुट्टी लेकर निकल जाना पुलिस और एमडीयू प्रशासन को कटघरे में खड़ा कर रहा है।
वहीं, एजुकेशन विभाग की एचओडी डॉ. मधु गुप्ता का कहना है कि
डॉ. जितेंद्र दो दिन की कैजुअल लीव लेकर गए हैं। छुट्टी मंजूर करने का अधिकार एचओडी को होता है। बच्ची वाला मामला तो कल ही खत्म हो गया था। बुधवार को गिरफ्तार किए गए एजेंसी सदस्य को पांच दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है।
प्रोफेसर ने उठाया पुलिस की ढिलाई का फायदा
खास बात यह है कि बच्ची के साथ मारपीट करने और उसे गर्म इस्त्री लगाने के आरोप एमडीयू के शिक्षा विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर जितेंद्र और उनकी पत्नी पर लगे थे। मामला उजागर होने के बाद शिक्षक जितेंद्र खुद बच्ची को लेकर पीजीआई थाना पहुंचा और कहा कि एजेंसी ने बच्ची को मेरे पास भेजा था और अब वह वापस जाना चाहती है। बच्ची की ओर से पुलिस के सामने ही प्रोफेसर पर गंभीर आरोप लगाए जाने के बाद भी पुलिस ने आरोपी दंपति से कोई पूछताछ नहीं की और न ही हिरासत में लिया। डॉ. जितेंद्र ने पुलिस की ढिलाई का फायदा उठाया और अपने विभाग में छुट्टी की दरख्वास्त देकर निकल गए। मामला इतना गंभीर होने के बाद भी उनकी छुट्टी मंजूर कर ली गई।
ये है मामला
मंगलवार रात एमडीयू में एक नाबालिग बच्ची संगीता, एजुकेशन विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर जितेंद्र कुमार के सरकारी क्वार्टर से निकल कर भागी। हालांकि उसे प्रोफेसर की पत्नी ने गेट नंबर दो पर ही पकड़ लिया था और वापस अपने क्वार्टर में ले आई थी। लेकिन सुबह ही बच्ची ने पुलिस के सामने हकीकत बयां कर दी। बताया कि उसे 7 महीने से यहां बंधक बनाकर रखा गया था। नौकर की तरह काम करवाया जाता और कमी रहने पर बाल और गाल खींचे जाते। बच्ची ने आरोप लगाया कि प्रोफेसर दंपति उसके शरीर पर गर्म इस्त्री भी दागता था। मामले ने तूल पकड़ा तो पीजीआई थाना पुलिस ने लड़की का मेडिकल करवाने के बाद केस दर्ज कर दिया । जिस एजेंसी के जरिये संगीता को काम के लिए भेजा गया था, उसके एक सदस्य सपन को भी हिरासत में लिया गया था। लेकिन पुलिस और एमडीयू प्रशासन दोनों ने ही प्रोफेसर को खुले में जाने की छूट दे दी।
वर्जन
मामला दर्ज होने के बाद एजेंसी सदस्य सपन को गिरफ्तार किया गया था। उसे पांच दिन रिमांड पर भेजा गया है। प्रोफेसर या अन्य की अभी कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है, उनकी तलाश की जा रही है।
कुलदीप, एसएचओ, पीजीआई थाना