छात्रा का अपहरण कर दोबारा गैंगरेप मामले ने मंगलवार को उस समय तूल पकड़ लिया जब सामाजिक संगठनों से लेकर महिला आयोग और कई पार्टियों के नेता पीड़िता के पक्ष में उतर आये। एक तरफ सामाजिक संगठनों ने सुबह पांचों आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर महिला थाने का घेराव किया तो दूसरी ओर, आरोपियों के परिजन खुलकर सामने आ गये। वे इकट्ठा होकर महिला थाने पहुंचे और बेगुनाही के सुबूत सौंपे। लेकिन बढ़ते दबाव के कारण पुलिस ने देर शाम हिरासत में लिए गये तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। उन्हें बुधवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा। जबकि दो अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी तेज कर दी। मामले में पुलिस ने एससी/एसटी एक्ट को भी जोड़ दिया है।
अमर उजाला लाइव
सुबह 11 बजे- महिला थाना
आरोपियों के परिजन और सामाजिक संगठन आमने-सामने
गैंगरेप मामले को लेकर स्थिति उस समय तनावपूर्ण हो गई जब महिला थाने में आरोपियों के परिजन और सामाजिक संगठन के कार्यकर्ता आमने-सामने आ गये। आरोपियों के परिजन थाना परिसर में खड़े थे तो सामाजिक संगठन के लोग आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर थाने के बाहर पुलिस के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे। सामाजिक संगठनों ने एसपी, डीएसपी, प्रदेश सरकार सहित अन्य अधिकारियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। दोेनों पक्षों के बीच कोई विवाद न हो इसलिए पुलिस बल को तैनात किया गया था। करीब एक घंटे तक गहमागहमी के बाद सामाजिक संगठनों ने पहले तो एसपी से मिलने से इनकार कर दिया। इसके बाद दो दिन में आरोपियों के नहीं पकड़े जाने पर सीएम आवास पर प्रदर्शन की चेतावनी देकर चले गये।
सुबह 11.40 बजे
दोषी हो तो फांसी चढ़ा दो, लेकिन निष्पक्ष जांच हो
आरोपियों के बचाव में थाने पहुंचे परिजनों ने गैंगरेप पीड़िता पर गंभीर आरोप लगाये। महिला थाने पहुंचे आरोपी अमित के चाचा सुमेर सिंह ने कहा कि लड़की ने पहले भी मामले में कई बार अपने बयान बदले थे। इतना ही नहीं 164 के बयानों से भी मुकर गई थी। सुमेर का कहना है कि यदि उनका भतीजा दोषी है तो पुलिस फांसी पर चढ़ा दे, लेकिन पुलिस को निष्पक्ष जांच करनी चाहिए, ताकि लड़की की करतूत सामने आ सके। उन्होंने कहा कि पुलिस को लड़की के झूठे आरोपों की जांच करनी चाहिए।
दोपहर 1.2 बजे
महिला आयोग की अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पहुंची थाने
वारदात के छह दिन बाद पीड़िता की सुध लेने के लिए राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कमलेश पांचाल और उपाध्यक्ष सुमन दहिया रोहतक पहुंची। वह सबसे पहले महिला थाने गईं। थाने में दोनों पदाधिकारियों ने एसएचओ गरिमा से बातचीत की। लड़की के बयान पर दर्ज एफआइआर और मेडिकल जांच रिपोर्ट भी पुलिस से ली।
दोपहर 2.8 बजे
पीड़ित से मिलने पीजीआई पहुंची आयोग की अध्यक्ष और उपाध्यक्ष
महिला थाने से घटना की जानकारी लेने के बाद राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कमलेश पांचाल और उपाध्यक्ष सुमन दहिया पीड़िता से मिलने पीजीआई पहुंची। वहां काफी देर तक पीड़िता से दोनों ने बातचीत की। इसके बाद कलानौर के एक गांव में पूर्व सरपंच की दुष्कर्म पीड़िता पोती से मिलने गईं।
दोपहर 2.45 बजे
दुष्कर्म हुआ, चोट नहीं लगी, पीड़िता बयान देने के लिए फिट : अध्यक्ष
पीड़िता से मिलने के बाद राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कमलेश पांचाल ने कहा कि मेडिकल रिपोर्ट के अनुसार पीड़िता के साथ दुष्कर्म किया गया है। हालांकि, उसके शरीर पर चोट के कोई निशान नहीं मिले हैं। आयोग की अध्यक्ष पांचाल और उपाध्यक्ष सुमन दहिया ने कहा कि आरोपियों की गिरफ्तारी जल्द करने के लिए एसपी से बात की है। दोनों ने कहा कि पीड़िता के बयान दर्ज कर लिये गये हैं। वह अब 164 के बयान देने के लिए शारीरिक रूप से फिट है। डॉक्टरों ने आयोग को बताया कि पीड़िता अब शारीरिक तौर पर फिट है।
दोपहर 3 बजे
आप के मंत्री संदीप पहुंचे पीजीआई
मामला मीडिया में उछलने के बाद मंगलवार को पीड़िता से मिलने वालों की भीड़ लगी रही। लेकिन अस्पताल में केवल वीआईपी लोगों को ही पीड़िता से मिलने दिया गया। दिल्ली में आम आदमी पार्टी (आप) के मंत्री संदीप भी पीड़िता से मिलने पहुंचे। संदीप से परिजनों ने मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग की। साथ ही एसआईटी गठित करने की भी मांग की। उन्होंने प्रदेश सरकार पर दलित विरोधी होने का आरोप लगाया। पीड़िता के परिजनों ने कहा कि प्रदेश सरकार महिलाओं को सुरक्षा देने में नाकाम साबित हो रही है।
सोमवार देर रात पीड़िता को मिली सुरक्षा
गैंगरेप मामले में पुलिस कोई भी कोताही बरतने के मूड में नहीं है। पुलिस ने केस की गंभीरता को देखते हुए सोमवार देर रात पीड़िता और उसके परिवार को सुरक्षा मुहैया करवा दी। पीड़िता के वार्ड के बाहर हथियार बंद पुलिस कर्मियों को तैनात कर दिया गया है। साथ ही वार्ड के जिस कमरे में पीड़िता भर्ती है उसमें पीजीआई स्टॉफ और परिजनों को ही जाने की अनुमति है। इसके अलावा अन्य किसी भी व्यक्ति को कमरे में अंदर नहीं जाने दिया जा रहा है।
आरोपियों के परिजनों की जुबानी बेगुनाही की कहानी
लड़की झूठे केस में फंसाकर 50 लाख रुपये की मांग कर रही थी। मांग पूरी नहीं होने पर मेरे पति पर फिर झूठा केस दर्ज करवा दिया। जबकि वारदात वाले दिन की सीसीटीवी फु टेज के आधार पर मेरे पति संदीप की लोकेशन अंबाला, कुरुक्षेत्र और इस्माइला की है।
- गरिमा, आरोपी संदीप की पत्नी
पहले भी लड़की ने झूठे केस में अमित को फंसाया था। इस कारण अमित को ढाई साल तक जेल में रहना पड़ा। जैसे-तैसे करके उसे मई 2016 में हाईकोर्ट से जमानत मिली। दो महीने बाद लड़की ने फिर अमित को फंसाने का प्रयास किया है। जबकि अमित जेल से बाहर आने के बाद भिवानी से बाहर गया ही नहीं है।
- सुमेर सिंह, आरोपी अमित के चाचा
वारदात वाले दिन मेरा भाई जगमोहन डेढ़ बजे से पौने दो बजे तक बैंक में मौजूद था। इसके बाद वह भिवानी आ गया था। सारी सीसीटीवी फुटेज पुलिस को मुहैया करवा दी है। लड़की झूठे केस में फंसाकर पैसे ऐंठने का प्रयास कर रही है। हालांकि, मेरा भाई पुलिस जांच में शामिल हो गया है।
- हरबंस, आरोपी जगमोहन का भाई
पीड़ित से मिलने नहीं दिया तो वार्ड में धरने पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता
मंगलवार दोपहर करीब एक बजे पीड़िता से मिलने पीजीआई पहुंचे कई दलित और महिला संगठनों के सदस्यों को पीड़िता से मिलने नहीं दिया गया। सुरक्षा का हवाला देते हुए पुलिस प्रशासन ने उन्हें कमरे में जाने से रोक दिया। इसके बाद राष्ट्रीय दलित महिला आंदोलन, राष्ट्रीय दलित महासभा, नेशनल दलित मूवमेंट फॉर जस्टिस सहित अन्य संगठनों के सदस्य वार्ड के सामने धरने पर बैठ गये। उन्होंने कहा कि यदि आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया गया तो वह आत्महत्या का कदम भी उठा सकते हैं। धरने पर बैठने वालों में सरदार सतपाल सिंह चौहान, राजेश कुमार, मनीष मशाल सहित अन्य सदस्य थे।
14 जुलाई से ही हिरासत में चार आरोपी
वारदात के बाद पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी दिखाने से बचती रही है। जबकि आरोपियों के परिजनों की मानें तो वारदात के अगले दिन 14 जुलाई को ही चार आरोपियों को हिरासत में ले लिया गया था। इसके बाद से ही आरोपियों को जांच में शामिल कर पूछताछ की जा रही है।
पीजीआई पहुंचे कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष
रोहतक। मंगलवार शाम कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष अशोक तंवर भी गैंगरेप पीड़िता से मिलने पीजीआई पहुंचे। उन्होंने पीड़ित छात्रा का हाल जाना और परिजनों से बातचीत की। आश्वासन दिया कि पार्टी उनके साथ है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कराई जाएगी। प्रदेशाध्यक्ष ने पांच साल की मासूम बच्ची का भी हाल जाना। बच्ची के परिजनों को भी न्याय का आश्वासन दिया।