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नकली जीरा बनाने वाले गिरोह का भंडाफोड़, पत्थर और घास मिलाकर बनाते थे नकली जीरा, पांच गिरफ्तार

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गांव पूठ खुर्द में नकली जीरा बनाते गिरफ्तार आरोपी पुलिस टीम के साथ। - फोटो : Sonipat
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नरेला/सोनीपत। गांव पूठ खुर्द में पुलिस ने नकली जीरा बनाने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है। मामले में पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से दो ट्रक नकली जीरा और कच्चा माल बरामद किया है। गिरोह का एक सदस्य पुलिस की पकड़ से बाहर है। मामले की जांच के लिए खाद्य आपूर्ति विभाग का सहयोग लिया जा रहा है।
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बाहरी उत्तरी जिला पुलिस उपायुक्त गौरव शर्मा ने बताया कि सूचना के आधार पर बवाना थाना पुलिस ने इलाके के पूठ खुर्द गांव में एक स्थान पर छापा मारकर भारी मात्रा में नकली जीरा बरामद किया है। मौके पर हुई जांच में दिल्ली सरकार के खाद्य आपूर्ति विभाग ने जीरे के नकली और स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक होने की पुष्टि करते हुए सैंपल भरे हैं। इसके अलावा पुलिस भी अपने स्तर पर बरामद जीरे की लैब में जांच करवा रही है। उपायुक्त ने बताया कि नकली जीरा बनाने और बेचे जाने की सूचना मिलने पर सहायक आयुक्त बवाना के निर्देशन में बवाना थाना प्रभारी धर्मदेव के नेतृत्व में गठित एसआई विजय दहिया, एएसआई विनोद, हवलदार प्रवीन, देवेंद्र, सिपाही नितिन, दिनेश और खाद्य आपूर्ति विभाग के दो अधिकारियों ने पूठ खुर्द के रहने वाले सुरेश के प्लॉट पर छापा मारकर वहां से भारी मात्रा में नकली जीरा बरामद किया। इसके अलावा नकली जीरा बनाने में इस्तेमाल किए जाने वाला कच्चा माल भी बरामद किया गया है। प्लॉट पर मौजूद जीरा बना रहे पांच लोगों जलालाबाद, शाहजहांपुर, उप्र के रहने वाले हरिनंदन, कामरान उर्फ कम्मू, गंगाप्रसाद, हरीश और पवन को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस मामले में मकान मालिक की सहभागिता की जांच कर रही है।
पुलिस ने मौके से 40-40 किलोग्राम के नकली जीरा भरे 485 बैग, 15-15 किलोग्राम वजन वाले पत्थर का चूरा भरे 350 बैग, 20-20 किलोग्राम वजन वाली 80 बोरी फूल घास तथा 20-20 किलोग्राम शीरा भरे 35 प्लास्टिक ड्रम बरामद किए हैं। पुलिस ने पूरा माल दो ट्रकों में लादकर ले जाया गया था।
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हाथों से तैयार किया जाता था नकली जीरा
पुलिस के मुताबिक पकड़े गए लोगों से हुई पूछताछ में पता चला है कि यह सभी लोग हाथों से नकली जीरा तैयार करते थे। इसके लिए यह लंबे-चौड़े स्थान पर फूल घास को निकालकर उसमें पत्थर का चूरा तथा शीरा मिला देते थे। तैयार माल को बाहर बेचने का काम इनका छठा साथी लालू करता था। लालू अभी पुलिस की पकड़ से बाहर है।
80-20 के अनुपात में मिलाते थे नकली माल
पुलिस के मुताबिक गिरोह के लोग असली जीरे में अपने द्वारा तैयार नकली जीरा मिक्स करके राजस्थान और उत्तरप्रदेश में बेचते थे। उनके द्वारा बेचे जाने वाले माल में 80 किलो असली और 20 किलो नकली जीरा होता था। खाद्य विभाग के अधिकारियों के मुताबिक बरामद माल सेहत के लिए बेहद खतरनाक है। पुलिस ने नकली माल बनाने वालों के खिलाफ धारा 420, 272 तथा 273 के तहत मामला दर्ज किया है।
जलालाबाद है नकली माल का गढ़
पुलिस के मुताबिक पकड़े गए लोगों ने बताया कि जलालाबाद में अनेक लोग इस तरह के नकली माल तैयार करते हैं। नकली जीरा बनाने का विचार उन्हें वहीं से मिला। गिरोह के खिलाफ छह माह पूर्व राजस्थान में भी मामला दर्ज हो चुका है। पुलिस का कहना है कि गिरोह द्वारा और किस तरह के खाद्य पदार्थ तैयार किए जाते थे, इसकी जांच की जा रही है।
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