रोहतक। नेशनल हाईवे पर काम करते हुए सिंचाई विभाग की टीम से पीएनजी (पाइप्ड नेचुरल गैस) लाइन क्षतिग्रस्त हो गई। गैस का रिसाव होने के बाद तुरंत भारतीय पेट्रोलियम के अधिकारी और दमकल विभाग को सूचना दी गई। अधिकारियों की मुस्तैदी के कारण बड़ा हादसा होने से रोक लिया गया।
पहले तो दमकल विभाग की गाड़ी से रिसाव के दौरान पानी डलवाया। इसके बाद गैस पीएनजी लाइन के बराबर से गुजर रही पानी की पाइपलाइन भी तोड़ी गई। इससे गैस पानी के साथ घुलती रही और आग का रूप धारण नहीं कर पाई। यदि ऐसा न होता तो पास में निजी अस्पताल व हाईवे पर दौड़ते वाहन भी इसकी चपेट में आ सकते थे। गैस लीक होने के बाद यातायात पुलिस ने रूट डायवर्ट कर दिया। सुबह 8 से शाम करीब 5 बजे तक मरम्मत का काम चला। इसके बाद ही गैस की आपूर्ति हो सकी।
भारत पेट्रोलियम के एक अधिकारी ने बताया कि सिंचाई विभाग की टीम कुछ काम कर रही थी। सुबह करीब 8 बजे गैस पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो गई। पेट्रोलियम की ओर से कर्मचारी देवेंद्र कुमार पाइपलाइन की गश्त पर आए तो घटना की सूचना अफसरों को दी। भारत पेट्रोलियम के अधिकारियों ने हादसे को रोकने के लिए तत्काल यातायात पुलिस से संपर्क कर रूट डायवर्ट करा दिया।
दमकल विभाग की टीम को बुलाया गया। दमकल की गाड़ियों से गैस रिसाव के पास पानी भरवाया और पीएनजी के बराबर से जा रही पानी की लाइन को भी तोड़ा गया। बुलडोजर से 10 से 12 कर्मचारियों की टीम मरम्मत कार्य में लगी थी। शाम 5 बजे के बाद ही पीएनजी लाइन को सुचारु किया जा सका। इसके बाद ही यातायात संचालित किया जा सका। कंपनी अधिकारी ने बताया कि उनके लिए यह सामान्य घटना थी और इसकी मरम्मत करके आपूर्ति को सुचारु कर दिया गया।
दिल्ली से आने वाले वाहनों को खेड़ी साध के अंदर से निकाला
गैस लीक होने के दौरान ही यातायात पुलिस ने हाईवे-9 से खेड़ी साध गांव की ओर रूट डायवर्ट कर दिया था। दिल्ली से रोहतक की ओर आने वाले वाहनों को खेड़ी साध के अंदर से भेजा गया। वहीं, आईएमटी और रोहतक की ओर से दिल्ली जाने वाले वाहनों को खेड़ी साध से एनएच-9 की ओर से भेजा गया था। हालांकि, इस दौरान वाहन संचालकों को परेशानी हुई और सुबह से लेकर शाम तक समस्या का सामना करना पड़ा।
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गैस पाइपलाइन के पास जाने पर लगा दी थी रोक
भारत पेट्रोलियम के अधिकारियों ने गैस लीक होने के बाद खेतों में काम करने वाले किसानों को वहां से हटवा दिया। गैस लीकेज को देखने के लिए आने वाले लोगों को भी दूर कराया गया। वाहनों को भी करीब 800 मीटर दूर ही डायवर्ट कर दिया गया।
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लीकेज तलाशने के लिए काटना पड़ा हाईवे
गैस लीक होने के बाद सही स्थान नहीं मिलने के कारण पेट्रोलियम कंपनी के अधिकारियों को सड़क तोड़नी पड़ी। इसके बाद ही पाइपलाइन में गैस रिसाव की जगह का पता चल पाया। हालांकि, गैस को बंद करा दिया गया था, लेकिन पाइपलाइन में गैस को खत्म होने में दोपहर 2 बजे तक का समय लगा था। इसके बाद ही गड्ढे से पानी और कीचड़ को निकालकर मरम्मत कार्य शुरू हो सका।
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निजी अस्पताल तक पहुंच सकती थी आग
यदि गैस का अधिक रिसाव होता तो निजी अस्पताल तक आग पहुंच सकती थी। हालांकि गैस का रिसाव तेजी से दूर तक होता है। गैस के रिसाव से पानी भी दो फीट तक उफान ले रहा था। हालांकि, अस्पताल ने भी अपनी तैयारियां पूरी कर रखी थीं।
एलपीजी की पाइपलाइन में शुक्रवार सुबह 8 बजे लीकेज हुई थी। इसकी सूचना मिली तो दमकल की दो गाड़ियां और 10 कर्मचारी तैनात कर दिए गए थे। आग न लगे, इसके लिए पूरी तैयारी कर ली गई थी।
- संजीव डागर, फायर ऑफिसर।
16सीटीके23... रोहतक में खेड़ी साथ गांव में भारत पेट्रोलियम की पीएनजी लाइन लीक होने के बाद दमकल
16सीटीके23... रोहतक में खेड़ी साथ गांव में भारत पेट्रोलियम की पीएनजी लाइन लीक होने के बाद दमकल
16सीटीके23... रोहतक में खेड़ी साथ गांव में भारत पेट्रोलियम की पीएनजी लाइन लीक होने के बाद दमकल